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गुजरात छोड़ राजस्थान में आया तेल माफिया:मंत्री को 1 करोड़, एसपी को 10 लाख बंधी, कमाई प्रति टैंकर 75 हजार रुपये

जोधपुर2 महीने पहलेलेखक: भंवर जांगिड़
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नकली तेल की क्वालिटी चेक कराता तेल माफिया का सदस्य। - Dainik Bhaskar
नकली तेल की क्वालिटी चेक कराता तेल माफिया का सदस्य।

राजस्थान में डीजल की कीमत ज्यादा होने के कारण गुजरात का तेल माफिया यहां बहुत तेजी से बड़ा बाजार तलाश चुका है। गुजरात में तो अभियान चलाकर पुलिस ने पूरा खेल बंद करा दिया। पर अब लगभग सभी तेल माफिया राजस्थान चले आए हैं। रोज करीब 40 टैंकर नकली डीजल राज्य में आ रहा है।

जोधपुर-जयपुर हाईवे पर दैनिक भास्कर ने ऐसे ही एक तेल माफिया से नकली डीजल की सप्लाई का सौदा करने की मीटिंग की। माफिया ने कहा- कांडला पोर्ट से इंपोर्ट होने वाले बेस ऑयल में पैराफीन मिला कर 65 रुपए लीटर सप्लाई करेंगे, यह तेल डीजल का काम ही करेगा लेकिन बिकेगा बायोडीजल के नाम से।

करना सिर्फ इतना है कि यहां से बायो डीजल का लाइसेंस ले लो, फिर उसकी आड़ में प्रति टैंकर कम से कम 75000 रुपए कमाओगे। उसने कहा यकीन नहीं हो तो राजस्थान की बायोडीजल अथोरिटी को चैक कर लो, लाइसेंस लेने वालों की लाइन लग गई है।

फिर उसने एक ट्रक में नकली डीजल भरा और कहा कि ट्रांसपोर्ट व माइनिंग सेक्टर पर फोकस करो। स्टेट में बड़ा काम करना है तो मंत्री व एसपी से मीटिंग करवा दो। मंत्री को हर माह 1 करोड़ और एसपी को 10 लाख तथा संबंधित थाने को 2 लाख रुपए मासिक हम दे देंगे।

  • जोधपुर-जयपुर हाईवे पर भास्कर के रिपोर्टर ने गुजरात के तेल माफिया से नकली डीजल का सौदा किया
  • माफिया बोला- बायोडीजल के लाइसेंस की आड़ में इसे धड़ल्ले से बेचो

तेल माफिया से बातचीत- बेस ऑयल+पैराफीन = नकली डीजल

यह डीजल क्या है, कहां से आएगा, कितने में मिलेगा?

माफिया: इंपोर्टेड बेस आयल है, कांडला पोर्ट पर उतरता है। इसमें पैराफीन मिलाने से यह डीजल जैसा काम करता है। जीएसटी मिला कर 60-62 रु. में सप्लाई करेंगे, तुम 3 रु. जोड़कर 65 में बेच सकते हो। एक टैंकर 12 हजार व दूसरा 25 हजार लीटर देंगे। छोटे पर 75 हजार और बड़े पर 1.50 लाख कमाओगे।

हम इसे कहां-कैसे बेचेंगे, खरीदेगा कौन?
सांचौर व आबूरोड होते हुए जोधपुर पहुंचेगा। तुम्हें यहां के ट्रांसपोर्टर, बस ऑपरेटर व माइनिंग वालों को ग्राहक बनाना है। पांच-छह ग्राहक हम दे देंगे, जो अभी सिद्धपुर, गुजरात से माल लेते हैं। ग्राहक खुद आएंगे।

रास्ते में पुलिस चेकिंग का क्या, हमें तंग किया तो?
माल के साथ बिल होता है और वह बायोडीजल के नाम से आता है। गुजरात पुलिस नहीं राेकती। पोर्ट से बॉर्डर तक कोई समस्या नहीं। कभी रोका तो दो-पांच हजार लेगी।

बड़ा काम करना हो तो क्या मदद करोगे?
पाली के एक नेता के बेटे की माइन में हर माह 40 लाख का डीजल खर्च होता है। हमारे डीजल से उसे 15 लाख रुपए बचेंगे। जोधपुर, बाड़मेर और नागौर में माइनिंग एरिया है। वहां बात करो, राेज 50 टैंकर दे देंगे। और बड़ा करना है तो जिले के एसपी से मीटिंग कराओ, उसे महीने का 10 लाख हम देंगे। मंत्री को एक करोड़ रुपए माह दे देंगे। हां, बॉर्डर के जिले के एक मंत्री से बात तो हम करेंगे ही।

वह सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं...

1. अचानक इसलिए बढ़ा
गुजरात सीएम ने 2 जुलाई को मंत्रियों और अफसरों को बैठक में नकली डीजल खत्म करने के निर्देश दिए। एटीएस-क्राइम ब्रांच की 136 टीमों ने छापे मारे, करीब 300 लोग गिरफ्तार हुए। ये लोग जमानत पर छूटे और प्रदेश में नेटवर्क बना लिया।

2. इस साल बायोडीजल विक्रेता लाइसेंस बढ़े
राजस्थान बायोडीजल अथॉरिटी के अनुसार 2019 में एक निर्माता और तीन विक्रेता लाइसेंस बने। 2020 में 5 निर्माता व 7 विक्रेता लाइसेंस बने। 2021 में 5 निर्माता व 33 विक्रेता लाइसेंस जारी हुए। इस साल 12 विक्रेता लाइसेंस तो अगस्त में ही लिए गए हैं।

3. बायोडीजल की ब्लेंडिंग के लिए रिटेल बिक्री संभव
केंद्रीय नोटिफिकेशन के अनुसार बायोडीजल सिर्फ डीजल में 7% ब्लेंडिंग के लिए उपयोग हो सकता है, अथॉरिटी के सीईओ सुरेंद्र राठौड़ के अनुसार सिर्फ ब्लेंडिंग के लिए रिटेल में बेच सकते हैं। लेकिन सीबीईसी के अनुसार ब्लेंडिंग भी रिफाइनरी ही कर सकती है।

4. इससे ल्युब्रिकेंट, इंजन ऑयल व पेंट बनते हैं
बेस ऑयल एसएच कोड 27101960, 27101971, 27101989, 27101990 आयात होता है। यह ल्युब्रिकेंट, इंजन ऑयल और पेंट आदि बनाने में काम आता है। क्रूड ऑयल का परिष्क्रत रूप में ईंधन ही है। इससे गाड़ी चल तो जाती है, लेकिन इंजन जल्द खराब हो जाता है। कानून इसे गाड़ी में नहीं डाल सकते। उल्लंघन पर जीएसटी चोरी, मिलावट जैसे केस बनते हैं।

ब्लेंडिंग का अधिकार भी ऑयल कंपनियों को मिले

डीजल की बिक्री 30% तक गिर गई है। बायोडीजल के लाइसेंस की आड़ में नकली बायोडीजल धड़ल्ले से बिक रहा है। बायोडीजल को भी सिर्फ ब्लेंडिंग के लिए 7 प्रतिशत तक मिलाने का नियम है, लेकिन उसमें भी 15 प्रतिशत तक मिलावट के केस सामने आए हैं। ब्लेंडिंग का अधिकार भी ऑयल कंपनियों के पास होना चाहिए जैसे पेट्राेल में मेथेनॉल मिलाने का है। बायोडीजल के भारत सरकार के नोटिफिकेशन में मोबाइल वैन का जिक्र नहीं है, यहां हजारों लीटर के टैंकर को परमिशन दे दी गई है। इस समस्या को लेकर हमने राज्य सरकार को कई बार प्रतिवेदन दिए हैं, सरकार को इस पर एक्शन लेना चाहिए।’

- शशांक कोरानी, सचिव, राजस्थान पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन जयपुर