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हर घर कचरा गाड़ी नहीं पहुंच रही:उत्तर निगम की इंदौर की तर्ज पर कचरा गाड़ी की एप से मॉनिटरिंग की पहल अच्छी

जोधपुरएक महीने पहले
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  • ...क्योंकि उत्तर के 5-6 वार्ड तंग गलियों व पहाड़ी इलाके, यहां कचरा गाड़ी नहीं पहुंच रही
  • आधे से ज्यादा वार्डों में घर-घर की बजाय कचरा पाॅइंट से ही कचरा उठा रही ऑटो ट्रिपर

शहर में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्थाओं की सुव्यवस्थित तरीके से मॉनिटरिंग करने और सफाई व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने को लेकर उत्तर नगर निगम जल्द ही सॉफ्टवेयर और एप तैयार करेगी। इसको लेकर मंगलवार को उत्तर महापौर कुंती परिहार की उपस्थिति में इंदौर की ब्रेन अबोव कंपनी के साथ निगम अफसरों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। निगम उत्तर की ओर से एसई पीएस तंवर और कंपनी की ओर से आनंद नवल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

यह कंपनी घर-घर कचरा कलेक्शन को लेकर जनता की विभिन्न सुविधायुक्त एप तैयार करेगी और 2 साल तक घर-घर कचरा कलेक्शन की मॉनिटरिंग भी करेगी। एप के तैयार होने के बाद कचरा कलेक्शन करने वाली गाड़ी (ऑटो ट्रिपर) आपके घर के बाहर पहुंचेगी तो एप पर मैसेज भी आ जाएगा। गाड़ी कचरा लेने नहीं आती है तो आप एप के जरिए उसे ट्रैक भी कर सकेंगे और शिकायत भी कर सकेंगे।

उत्तर निगम की यह पहल अच्छी है, लेकिन यह तब ही लोगों के लिए कारगर सिद्ध हो पाएगी, जब कचरा लेने वाली गाड़ी हर वार्ड के हर घर तक पहुंचे। एक साल पूरा होने के बावजूद उत्तर निगम के 80 वार्डों में से आधे से ज्यादा वार्डों में घर-घर कचरा कलेक्शन नहीं हो पा रहा है। हालात ये हैं कि कचरा गाड़ी का टाइम (ऑटो ट्रिपर) वार्ड के कचरा पॉइंट से ही कचरा उठाते पूरा हो जाता है।

उत्तर निगम में 5-6 वार्ड तो ऐसी तंग गलियों व पहाड़ी इलाकों में आबाद हैं, जहां कचरा ढुलाई गधों से की जाती है, जिस दिन गधे नहीं आते कचरा पूरे दिन सड़कों पर फैलता रहता है, ऐसे में घर-घर से कचरा कलेक्शन करने की बात पूरी तरह से बेमानी लगती है। निगम ने ऐसे वार्डों से बाइक के जरिए कचरा परिवहन का ढिंढोरा तो खूब पीटा, लेकिन यह काम सिरे नहीं चढ़ पाया।

नए सॉफ्टवेयर व एप में होंगे कई फीचर

एप के माध्यम से घर-घर कचरा कलेक्शन करने वाले ऑटो ट्रिपर के रूट की ट्रैकिंग संभव होगी। कचरा गाड़ी के आने का समय, प्रत्येक मकान से कचरा कलेक्शन के रियल टाइम की ट्रैकिंग हो सकेगी। इस एप के माध्यम से सफाई कर्मचारियों की रियल टाइम उपस्थिति, बीट प्लानिंग भी संभव हो सकेगी। साथ ही सिटीजन भी अपनी शिकायतों व सुझाव को एप के माध्यम से दर्ज करवा सकेंगे। शिकायत संबंधित मुख्य सफाई निरीक्षक के पास पहुंचेगी और उसका निस्तारण निर्धारित समय में करना होगा।

देश के कई बड़े शहरों में सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग को लेकर आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इसी तकनीकी का प्रयोग कर अब निगम उत्तर ने शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और घर-घर कचरा कलेक्शन के कार्य की मॉनिटरिंग को लेकर ही इंदौर की कंपनी ब्रेन अबोव के साथ एमओयू साइन किया है।

-कुंती परिहार, महापौर (उत्तर)

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