प्रदेश में 9512 रजिस्टर्ड डॉक्टर:कार्यरत केवल 247 ही, प्रदेश के 9265 होम्योपैथी डॉक्टरों को 8 साल से नियमित भर्ती का इंतजार

जोधपुर2 महीने पहले
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आरबीएसके व पीएचसी-सीएचसी में 587 संविदा पर अल्प वेतन पर कार्यरत। - Dainik Bhaskar
आरबीएसके व पीएचसी-सीएचसी में 587 संविदा पर अल्प वेतन पर कार्यरत।

प्रदेश में आयुष में आने वाले होम्योपैथी के डॉक्टर पिछले आठ साल से सरकार की ओर से नियमित भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। जबकि कोरोनाकाल में आयुष के अंतर्गत आने वाले आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और योगा के डॉक्टरों को महत्व मिला है, वहीं आमजन भी इन विद्याओं पर विश्वास करने लगे हैं। पूरे प्रदेश में होम्योपैथी में रजिस्टर्ड 9512 डॉक्टरों में महज 297 डॉक्टर कागजों में सरकारी केंद्रों में अपनी सेवा दे रहे हैं>

जबकि हकीकत यह है कि इनमें भी केवल 247 डॉक्टर ही नियमित कार्यरत हैं। हालांकि विभाग में संविदा पर 587 डॉक्टर लगे हैं, लेकिन उनका वेतन सरकारी दफ्तर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से भी कम है। होम्योपैथी चिकित्सा विकास महासंघ राजस्थान के महासचिव डॉ. योगेंद्र कुमार टेपण का कहना है कि राजस्थान में आयुर्वेद के 10948, होम्योपैथी के 9512, यूनानी व योगा के 1296 चिकित्सक रजिस्टर्ड हैं।

जबकि नौकरियों में इनका अनुपात देखें तो आयुर्वेद के 4437, होम्योपैथी के 247, यूनानी व योग के 366 चिकित्सक ही हैं। संपूर्ण आयुष की ओपीडी का 78 प्रतिशत भार होम्योपैथी की ओपीडी में है। इतना ही नहीं, प्रदेश में आयुर्वेद और होम्योपैथी के 10 व यूनानी के 3 कॉलेज हैं। इधर, अस्पतालों में अनुपात देखा जाए तो आयुर्वेद अस्पताल 33 और औषधालय 3578 वहीं होम्योपैथी के महज 6 अस्पताल और 185 औषधालय हैं।

डॉ. योगेंद्र ने बताया कि यह हाल तब है जब सरकार प्रत्येक पंचायत पर होम्योपैथी चिकित्सक लगाने की बात कर रही है। हमारा संघ लगातार सरकार को ज्ञापन देकर प्रत्येक सीएचसी-पीएचसी पर होम्योपैथी चिकित्सक का पद सृजित कर नियुक्ति देने की मांग कर चुका है, लेकिन आठ साल से इंतजार के अलावा कुछ नहीं मिला।

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