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डराना नहीं, बचाना है:बच्चों के लिए सिर्फ 17 बेड की एक ही क्रिटिकल केयर यूनिट, 250 बेड-165 वेंटिलेटर जल्द मंगवाएं

जोधपुर5 दिन पहले
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  • एमडीएमएच को कोरोना पीडियाट्रिक यूनिट बनाने की तैयारी, जरूरत हुई तो उम्मेद में भी लगेंगे 150 बेड

कोरोना की दूसरी लहर में हजारों मरीज को आईसीयू व वेंटिलेटर के लिए संघर्ष करते देखा गया। समय पर सुविधाएं नहीं मिली तो श्मशानों में चिताओं की आग शांत ही नहीं हो पाई। अब तीसरी लहर में अपने जिगर के टुकड़ों को इस हाल में नहीं देख सकते। उन्हें संक्रमण से बचाना ही सबसे बड़ी चिंता है।

हमारे गांवों में क्रिटिकल केयर तो है ही नहीं, शहर के मथुरादास माथुर अस्पताल में भी कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए केवल एक क्रिटिकल केयर यूनिट थी, उसमें भी महज 17 बेड ही हैं। गनीमत रही कि पहली दोनों लहरों में अब तक केवल 10 बच्चे ही इस यूनिट में भर्ती हुए और सभी बच गए। लेकिन तीसरी लहर का भरोसा नहीं, इसलिए एमडीएम अस्पताल को पूरी तरह पीडियाट्रिक यूनिट में बदलना होगा।

मेडिकल कॉलेज इसकी तैयारी भी कर रहा है। यहां तीन नई क्रिटिकल यूनिट बनाई जा रही हैं और जरूरत पड़ने पर उम्मेद अस्पताल में भी इंतजाम करने का प्लान हो रहा है। अब जरूरत इस बात की है कि दो माह के भीतर नई यूनिट में 250 बेड लग जाएं और 165 वेंटिलेटर के जो टेंडर जारी किए हैं, वह भी जल्द आ जाएं।

क्रिटिकल केयर के वैसे तो 172 बेड, लेकिन कोरोना के 17 ही

नवजात बच्चों के लिए उम्मेद अस्पताल में 37 पीआईसीयू व 80 एनआईसीयू और एमडीएमएच के पीडियाट्रिक विंग में पीआईसीयू के 20 बेड हैं। एम्स में भी बच्चों की इस यूनिट में 15 पीआईसीयू व 20 एनआईसीयू बेड हैं। लेकिन कोरोना संक्रमित बच्चों का इलाज एमडीएमएच में होता है, वहां सिर्फ 17 बेड ही हैं।

मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डाॅ. जेपी सोनी ने बताया कि पीडियाट्रिक विभाग में अगले एक माह में पीआईसीयू के 150 और एनआईसीयू के 90 बेड बढ़ाने से क्रिटिकल केयर यूनिट के बेेड लगभग 370 हो जाएंगे। कोरोना के लिए एमडीएमएच में 3 नई यूनिट लगाएंगे, जिसमें सामान्य ऑक्सीजन के 103, पीआईसीयू के 150 व वेंटीलेटर वाले 100 बेड होंगे।

उम्मेद नॉन कोविड और एमडीएमएच में होगी कोविड यूनिट

उम्मेद अस्पताल नॉन कोविड ही रहेगा, एमडीएमएच को ही बच्चों का कोविड अस्पताल बनाया जाएगा। इसलिए यहीं पर लगभग 350 बेड का इंतजाम किया जा रहा है। डाॅ. सोनी के मुताबिक यह इंतजाम काफी होगा, क्योंकि बच्चों में संक्रमण के गंभीर लक्षण की संभावना बहुत कम है, फिर भी जरूरत पड़ गई तो उम्मेद अस्पताल की पहली मंजिल पर ऑक्सीजन के 150 बेड लगाएंगे।

वेंटिलेटर और मल्टी पैरामीटर के टेंडर कर दिए

क्रिटिकल केयर यूनिट के एनआईसीयू में अभी 32 और पीआईसीयू में 17 वेंटिलेटर हैं। पूरा यूनिट ही कोविड में बदल देंगे तो सभी बेड व उपकरण काम आएंगे। इसके अलावा 90 बेड के एनआईसीयू व 75 बेड के पीआईसीयू के लिए भी वेंटिलेटर और दोनों के लिए 100-100 मल्टी पैरामीटर के टेंडर कर दिए हैं, जिनकी सप्लाई जल्द मिलने की उम्मीद है।

एचओडी का भरोसा- स्टेरॉयड व रेमडेसिविर की नौबत नहीं आएगी

दूसरी लहर में स्टेरॉयड व रेमडेसिविर ब्लैक में बिकी और कई जरूरतमंद के हाथ भी नहीं लगी। अब तो रेमडेसिविर के घोटाले भी उजागर हो रहे हैं। यह हालात बच्चों पर कोरोना के हमले में पैदा नहीं होंगे, यह भरोसा एचओडी डाॅ. जोशी को है। वे बताते हैं कि हालांकि अभी इन सभी दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति चल रही है, स्टॉक पड़ा हुआ है।

नई गाइडलाइन में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कोई भूमिका भी नहीं रही है। बच्चों में कोरोना का असर कम रहा है, पहली और दूसरी लहर में 29 नवजात बच्चे संक्रमित हुए थे। एमडीएमएच में 10 बच्चे भर्ती हुए थे, लेकिन एक को भी रेमडेसिविर व स्टेरॉयड की जरूरत नहीं पड़ी।

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