अजय शर्मा हो सकते हैं एमबीएम विवि के पहले वीसी:जल्द जारी हो सकता है आदेश, अभी उदयपुर में कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के हैं प्रोफेसर

जोधपुर2 महीने पहले
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प्रो. अजय शर्मा की फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
प्रो. अजय शर्मा की फाइल फोटो

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से अलग होने के बाद एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज अब विश्वविद्यालय बन चुका है। विधानसभा के अनुमोदन के बाद राजभवन से भी मोहर लग गई है। राज्य सरकार की ओर से पहले कुलपति की नियुक्ति की जा रही है। एमबीएम विवि से जुड़े लोगों में चर्चा है कि उदयपुर के प्रो. अजय शर्मा विश्वविद्यालय के पहले कुलपति होंगे।

शीध्र नियुक्ति को लेकर आदेश भी जारी हो सकते हैं। विवि एक्ट का हाल ही में विधानसभा से अनुमोदन हुआ। अनुमोदन के बाद राजभवन की भी मोहर लग गई। एक्ट के अनुसार पहला कुलपति राज्य सरकार की अनुशंषा पर 5 साल के लिए नियुक्त होना है।

जहां से बीई की वहीं पर जॉब में लगे, बाद में यहीं एमई भी की
राज्य सरकार की ओर से पहले कुलपति के नाम पर उदयपुर के प्रो. अजय शर्मा की नियुक्ति होने की अनुशंषा की संभावनाएं बताई जा रही हैं। ये भी कहा जा रहा है कि अगले दो दिन में इनके आदेश जारी हो जाएंगे। प्रो. अजय शर्मा उदयपुर के महाराणा प्रताप यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी के संगठक कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हैं।
वर्ष 1985 में इसी कॉलेज से उन्होंने बीई व 1992 में एमई की थी। उन्होंने वर्ष 1998 में आईआईटी खड़गपुर से पीएचडी की। 1985 में उन्होंने इसी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में जॉइन किया था। 2000 में यही एसोसिएट प्रोफेसर व 2009 में प्रोफेसर बने। वर्ष 2018 में उन्होंने डीन का पद भार ग्रहण किया। वे राजीव गांधी स्टडी सेंटर से भी जुड़े रहे तथा रिसर्च के लिए दो बार विदेश भी जा चुके हैं।

वर्तमान एमबीएम स्टाफ को विकल्प दे सकते हैं- किस विवि में रहेंगे?
जेएनवीयू से अलग होने के बाद एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के भवनों का एमबीएम विवि में हस्तांतरण बाकी है। इस हस्तांतरण के बाद जेएनवीयू के पास केवल न्यू कैंपस, सेंट्रल ऑफिस व केएन कॉलेज की संपत्तियां ही रहेंगी। एमबीएम के दोनों कैंपस के साथ इंजीनियरिंग हॉस्टल, एमबीएम एल्युमिनी एसोसिएशन भवन, रातानाडा हॉस्टल नंबर-3 सहित कई भवन एमबीएम विवि में हस्तांतरित हो जाएंगे।
जेएनवीयू की इंजीनयिरिंग फैकल्टी के सभी शिक्षक अब एमबीएम विवि के शिक्षक होंगे, लेकिन विवि के कर्मचारी कौन होंगे, इसका निर्णय अभी होना है। संभावना है कि वर्तमान एमबीएम कर्मचारियों को ऑप्शन दिया जाएगा कि वे किस विवि में काम करना चाहते हैं। वहीं शिक्षाविदों का कहना है कि वर्तमान में जेएनवीयू के जो कर्मचारी एमबीएम में काम कर रहे हैं, उन्हें डेपुटेशन में रखा जाएगा। भर्ती होने के बाद कर्मचारियों को जेएनवीयू भेज दिया जाएगा।

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