पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई:सेना में ठेकेदारी करते हुए खुफिया जानकारी भेज रहा था पाकिस्तान, फलोदी से बीकानेर जाते समय हिरासत में लिया

जोधपुर17 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
डेमो फोटो। - Dainik Bhaskar
डेमो फोटो।

आर्मी इंटेलिजेंस ने एक जासूसी नेटवर्क का खुलासा करते हुए कुछ लोगों को पकड़ा है। देश के विभिन्न हिस्सों से पकड़े गए इन लोगों में बीकानेर निवासी एक व्यक्ति को भी दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने दो दिन पहले बीकानेर व फलोदी के बीच दबोच लिया। यह व्यक्ति सेना में सिविल कंस्ट्रक्शन वर्क की ठेकेदारी करता है। ऐसे में संदेह है कि इसने सैन्य क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण जानकारियां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ शेयर की है। इससे दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से पूछताछ कर रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद दिल्ली पुलिस इसका खुलासा करेगी।

सैन्य सूत्रों का कहना है कि बीकानेर जिले के मूल निवासी हबीब खान जासूसी के संदेह में पकड़ा गया है। आर्मी इंटेलिजेंस के पास इस बात के पुख्ता सबूत थे कि ISI ने जासूसी का एक नया नेटवर्क तैयार किया है। जासूसी के संदेह में पकड़े गए एक व्यक्ति के पास से मिले इनपुट के आधार पर दिल्ली से आई क्राइम ब्रांच की एक टीम हबीब खान को पकड़ कर अपने साथ ले गई। उस दौरान वह फलोदी से बीकानेर की तरफ जा रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम कुछ दिन से उसके पीछे लगी हुई थी। वे उसकी सारी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे।

किसी बड़े ठेकेदार से कनेक्शन बना लेता था ठेका
बताया जा रहा है कि सेना में निर्माण से लेकर विभिन्न तरह के सामान की आपूर्ति करने के लिए जोधपुर निवासी एक बड़े ठेकेदार के मार्फत हबीब खान सब कांट्रैक्ट हासिल करता था। इसके जरिए उसकी सैन्य क्षेत्र में अच्छी घुसपैठ हो गई। इस दौरान उसने कुछ सैन्य कर्मियों के साथ अच्छे रिश्ते बना लिए। इन रिश्तों के दम पर उसने कई खुफिया जानकारी हासिल कर पाकिस्तान भेज दी। सैन्य सूत्रों का कहना है कि उससे पूछताछ में पूरी जानकारी के साथ ही नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

गौरतलब है कि पश्चिमी राजस्थान में सीमा के निकट पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी जासूसी करने के लिए नए तरीके अपना रही है। कभी किसी को हनी ट्रैप के जरिए फांसा जा रहा है तो कभी क्षेत्र में अपने स्लीपर सैल को एक्टिव कर इंफोर्मेशन शामिल कर रहे हैं। इससे पूर्व भी जासूसी के संदेह में कई लोगों को पकड़ा जा चुका है।