पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

जोधपुर में 11 पाक विस्थापितों की मौत का मामला:प्रताड़ित होकर भारत में शरण लेने वालों की मौत के बाद पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा, इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के अधिकारी को बुलाकर इस मामले में अपना विरोध जताया

जोधपुर13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
जोधपुर में गत 9 अगस्त को 11 पाक विस्थापितों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया।
  • अब दावा कर रहा है कि वे उसके नागरिक थे
  • मृतकों की बहन पर दबाव बना जारी करवा रहा है बयान

पाकिस्तान अपनी प्रोपेगेंडा की राजनीति से बाज आने का नाम नहीं ले रहा है। अब जिले के देचू क्षेत्र में 9 अगस्त को 11 पाक विस्थापितों की मौत के मामले में पाकिस्तान एक बार फिर ओछी हरकत पर उतर आया है। पाकिस्तान में लगातार होने वाली प्रताड़ना से परेशान होकर शरण लेने के लिए भारत आए इन मृतकों के प्रति अब पाकिस्तान का प्रेम उमड़ रहा है और वह इनके लिए मगरमच्छी आंसू बहा रहा है। पाकिस्तान अब लाशों की राजनीति करने में जुट गया है।
इस्लामाबाद में सोमवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारतीय उच्चायोग के अधिकारी को बुलाकर इस मामले में अपना विरोध जताया है। भारतीय अधिकारी से पाकिस्तान ने कहा कि बार-बार आग्रह करने के बावजूद भारत सरकार दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास को इस मामले की जानकारी नहीं दे रहा है। साथ ही परिवार के एकमात्र जिंदा बचे सदस्य केवलराम तक से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इन सदस्यों के मरने के बारे में अभी तक पुख्ता जानकारी प्रदान नहीं की गई है।
बेटी पर दबाव बना लगवाए आरोप
पाकिस्तान की ओछी हरकतों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने जोधपुर में मारे गए परिवार के मुखिया बुधाराम की पाकिस्तान में रहने वाली सबसे बड़ी बेटी मुखी पर दबाव बना उससे बयान जारी करवा रहा है। पाकिस्तान की तरफ से जारी बयान में दावा किया गया है कि मुखी ने आरोप लगाया है कि भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ ने उसके परिजनों की हत्या करवाई है। रॉ मेरे परिवार को पाकिस्तान में जासूस बनाना चाहता था। उनके तैयार नहीं होने पर उन्हें मरवा दिया गया। जबकि इस हादसे के तुरंत पश्चात मुखी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था।
अब उमड़ा प्रेम
बरसों तक पाकिस्तान में प्रताड़ना का शिकार होने के बाद मजबूरी में अपना सब कुछ वहीं छोड़ भारत में शरण लेने वाले बुधाराम के परिवार के प्रति पाकिस्तान का अब प्रेम जागा है। पाकिस्तान ने कहा कि इन लोगों को भारत ने अभी तक अपना नागरिक नहीं माना था। ऐसे में अभी तक ये पाकिस्तानी नागरिक थे। ऐसे में अपने नागरिकों के हितों की रक्षा करना उसका कर्तव्य है। जबकि यह परिवार आठ बरस से भारत में निवास कर रहा था। इस दौरान पाकिस्तान ने एक बार भी उनकी सुध नहीं ली।
सामूहिक फैसला ले दी थी जान
जोधपुर के देचू में रह कर खेती करने वाले पाक विस्थापित बुधाराम के परिवार के नौ सदस्यों ने अपने व्यक्तिगत कारणों से सामूहिक रूप से जान देने का फैसला किया था। उन्होंने एक सदस्य केवलराम को इस फैसले से अलग रखा। इसके बाद दो बहनों ने परिवार के सदस्यों को 9 अगस्त को जहरीले इंजेक्शन लगा कर मौत की नींद सुला दिया। बाद में उन्होंने भी अपनी जान दे दी।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज का दिन परिवार व बच्चों के साथ समय व्यतीत करने का है। साथ ही शॉपिंग और मनोरंजन संबंधी कार्यों में भी समय व्यतीत होगा। आपके व्यक्तित्व संबंधी कुछ सकारात्मक बातें लोगों के सामने आएंगी। जिसके ...

और पढ़ें