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शेरगढ़ के चिकित्साकर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार:रात में घर जा रहे चिकित्साकर्मी को पुलिस उठा ले गई थाने, मारपीट कर माफी मंगवा कर छोड़ा

शेरगढ़(जोधपुर)2 महीने पहले
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शेरगढ़ का अस्पताल। - Dainik Bhaskar
शेरगढ़ का अस्पताल।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शेरगढ़ में रात्रि कालीन ड्यूटी के दौरान एक चिकित्सा कर्मी को अपने घर जाना भारी पड़ गया। बाजार में पुलिस गश्ती दल ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने थाने ले जाकर उसके साथ मारपीट की। अपने साथी के साथ की गई मारपीट के विरोध के शेरगढ़ अस्पताल के समस्त कर्मचारियों ने आज आपातकालीन के अलावा अन्य सभी कार्यों का बहिष्कार कर विरोध जताया।

शेरगढ़ अस्पताल के प्रभारी अधिकारी डॉ. मांगीलाल सोनी ने बताया कि शेरगढ़ अस्पताल में ऑन ड्यूटी नर्सिंग कार्मिक मेल नर्स श्रवण कुमार के साथ रात्रि को बिना चिकित्सा अधिकारी प्रभारी के अनुमति के शेरगढ़ पुलिस थाने में ले जाकर मारपीट कर प्रताड़ित किया गया।

नर्सिंग कर्मचारी श्रवण कुमार ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को दिए पत्र में आरोप लगाया कि मंगलवार रात्रि को वह शेरगढ़ अस्पताल में रात्रिकालीन ड्यूटी पर था उनका घर अस्पताल से 1 किलोमीटर दूरी पर है मंगलवार को दिन में उनकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं थी। रात में वह 1:30 बजे उनके साथ रात्रि कालीन ड्यूटी सहयोगी सीएचओ देवाराम व वार्ड बॉय गोरधनराम को 10 मिनट में वापस आने का कह कर घर जा रहा था कि शेरगढ़ के बीच बाजार में सामने से पुलिस गश्ती टीम मिली। उन्होंने उनका परिचय पूछा तो उन्होंने सीएचसी शेरगढ़ का कर्मचारी बताया तथा कहा कि वह किसी इमरजेंसी में घर जा रहा है। तब उन्होंने उसे अस्पताल चलने को कहा गया। वह पुलिस ड्राइवर, एसआई माधोसिंह व कांस्टेबल उगमाराम के साथ शेरगढ़ अस्पताल आया। जहां ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ देवाराम व गोरधनराम ने उन्हें बताया कि यह उनके स्टाफ है। तब उन्होंने कहा एक बार थाने चलो। वहां एक बार अपना नाम पता लिखना है। थाने में तीनों पुलिस गश्ती दल के व पहले से ड्यूटी पर मौजूद दो और कॉन्स्टेबल ने उसे बहुत भला बुरा कहा कि तू रात में ऐसे घूम रहा था, तुम्हें इस प्रकार के मामलों में फंसा देंगे। कहा गया कि एक बार एएसआई साहब के पैर पकड़ माफी मांग ले। अपनी गलती स्वीकार कर ले नहीं तो साहब तुझे ऐसा फसाएंगे कि तेरी सुबह ही नौकरी चली जाएगी और अभी तुझे हम हवालात में डाल देंगे। तेरी जमानत भी नहीं होगी पाएगी।

एसआई ने कहा कि तू आपने बॉस डॉक्टर खोजा से उनकी पिछले 2 महीने से दो आईएलआर ला कर दे तो मैं तुझे छोड़ सकता हूं। उससे जबरदस्ती प्रार्थना पत्र लिखवाने की कोशिश की। जब उन्होंने काफी देर तक माफीनामा प्रार्थना पत्र नहीं लिखा तो पुलिस ड्राइवर गुस्सा होकर बोला कि तू साहब का कहना नहीं मान रहा है और तू अभी तक कुर्सी पर कैसे बैठा है। जब वह कुर्सी से उठा तो एएसआई ने उनकी कॉलर पकड़ कर जोर से धक्का मारा जिससे वह दीवार में गिरा फिर उनसे जबरदस्ती माफीनामा प्रार्थना पत्र लिखवा कर हस्ताक्षर करवाए। उसे करीब 45 मिनट तक थाने में बैठा रख पुलिस ने रवाना कर दिया।

रिपोर्ट व फोटो: जेपी गोयल, शेरगढ़