पोलो प्लेयर्स की पत्नियां भी रखती हैं घोड़ों का ध्यान:पति के मैदान में उतरने से पहले छोटी-छोटी बातों का रखती हैं ध्यान

जोधपुरएक महीने पहले
पोलो प्लेयर्स की पत्नियां।

हर कामयाब व्यक्ति के पीछे महिला का हाथ होने की बात कही जाती है। ऐसा ही पोलो प्लेयर्स की वाइफ्स का भी मानना है। क्यों कि वे अपने प्लेयर हस्बेंड के मैदान में उतरने से पहले हर छोटी से छोटी चीज़ का ध्यान रखती है। उनकी स्टिक से लेकर उनके घोड़ों की तैयारी तक कर बात का खयाल वह रखती है। प्लेयर वाइफ्स का कहना है कि पोलो मैच एक्साइटमेंट, डर और प्रेयर के साथ देखते है। हस्बेंड मैदान में होता है और उनकी नज़र उनके हस्बेंड पर। हर चक्कर के बाद हस्बेंड को घोड़े बदलने हो या स्टिक चेंज करनी हो वह अपनी वाइफ को देखते है। और वाइफ भी उनके इशारे से ही समझ जाती है की हसबेंड को क्या चाहिए।

पोलो शूज् पहनते प्लेयर्स सन ।
पोलो शूज् पहनते प्लेयर्स सन ।

जोधपुर पोलो ग्राउंड में चल रहे टूर्नामेंट के दौरान पोलो प्लेयर्स की फैमेली भी मौजूद थी। खासकर प्लेयर्स की वाइफ्स प्लेयर्स की हर बात का खयाल रखती नजर आई। भास्कर ने जब इन वाइफ्स से बात की तो उन्होंने बताया कि वह हर मैच में उनके साथ रहती है। जहरा फातीमा ने बताया कि वह बशीर अली के साथ पिछले 22 सालों से आ रही है। उन्होंने बताया कि घोड़ों का बच्चों की तरह रखा जाता है। हर चक्कर के बाद कौनसा घोड़ा लेंगे इसका पता होता है। हस्बेंड की हर बात का खयाल रखना अच्छा लगता है। उन्होंने बताया कि हर पल डर भी रहता है क्योंकि बाकी गेम से यह गेम ज्यादा रिस्की होता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति कप के दौरान बशीर घोड़े से गिर गए थे। और वह प्रोटोकोल तोड़ कर ग्राउंड की ओर दौड़ी और बशीर को संभाला यह पल सबसे यादगार रहा। फातीमा ने बताया कि पोलो गेम को अभी और प्रोत्साहन की जरुरत है। 8 वर्ष अर्जेंटीना में रह कर पोलो को नजदीक से देखा। उन्होने कहा कि अर्जेटीना में हर कहीं पोलो गेम खेलते खिलाड़ी नजर आ जाते है लेकिन यहां अभी आम जनता से गेम दूर है।

मोबाइल गेम खेल कर टाइम पास करते खिलाड़ीयों के बच्चे।
मोबाइल गेम खेल कर टाइम पास करते खिलाड़ीयों के बच्चे।

61 कैवलरी के खिलाड़ी मेजर अमान सिंह की वाइफ अलीशा कुमार सिंह मार्केटिंग कम्पनी में जॉब करती है। लेकिन इन दिनों हस्बेंड के साथ जोधपुर आई है। उन्होंने बताया कि हस्बेंड जब ग्राउंड में होते है तो हमारा अलग ही उत्साह रहता है। प्रेक्टिस के दौरान हॉर्स राइडिंग भी वे साथ करते है। बिहार में पली-बढी अलीशा के फैमिली हमेशा से आर्मी से ही रही । शादी को तीन साल हुए ऐसे में पोलो गेम उनके लिए नया था। अलीशा ने बताया कि उनको एक साल तो पोलो समझने में लगा। अब ज्यादा इंटरेस्ट आता है।

प्लेयर हूर अली की वाइफ आफरीन भी पिछले तीन वर्षो से हस्बेंड के साथ पोलो मैच के दौरान आ रही है। उसने बताया कि होर्स राइडिंग के साथ होर्स की जानकारी और गेम की जानकारी रख रही हूं। हर बार हस्बेंड के साथ मैच में आती हूं।