माइक्रोबायोलॉजी विभाग का मामला:प्रोफेसर ने विभागाध्यक्ष नहीं बनाने पर जताई आपत्ति, प्राचार्य को कहा- वरिष्ठता की अवहेलना हुई

जोधपुर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. मीणा बोले- किसी डॉक्टर पर विभागीय जांच चल रही है तो इश्यू हो सकता है

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में 12 विभागों के विभागाध्यक्ष बदलने के आदेश के साथ ही कॉलेज के गलियारों में आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया। मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को 12 विभागों के विभागाध्यक्ष बदलने के दो आदेश निकाले। एक आदेश में 11 विभागों के नए विभागाध्यक्ष बनाए गए तो माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष बदलने के लिए मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने सिंगल आदेश निकाला।

आदेशानुसार 17 मार्च से डॉ. स्मिता कुलश्रेष्ठ को माइक्रोबायोलॉजी विभाग का विभागाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि उनसे सीनियर डॉ. प्रभुप्रकाश को विभागाध्यक्ष नहीं बनाया गया। इसके विरोध में डॉ. प्रभुप्रकाश ने अपनी आपत्ति ई-मेल के माध्यम से प्राचार्य डॉ. गुलझारी लाल मीणा को दी। इसमें उन्होंने विभागाध्यक्ष नहीं बनाने पर आपत्ति जताते हुए उनकी वरिष्ठता की अवहेलना करने की बात लिखी है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. मीणा से बात की तो उन्होंने कहा कि किसी विभाग के डॉक्टर पर विभागीय जांच चल रही है तो इश्यू हो सकता है।

यदि किसी डॉक्टर को नहीं बनाया गया है तो उसका कारण बताया जाएगा। किसी को आपत्ति है तो यह उसका अधिकार है और उसकी पूरी बात सुनी जाएगी। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य से पूछा कि माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर की ओर से आपत्ति आई है तो उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि सेवा नियम को साइड में नहीं रख सकता, कोई सिस्टम से एचओडी बन रहा है तो उसके साथ अन्याय नहीं होगा।

कई डॉक्टरों पर चल रही विभागीय जांच

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के 11 डॉक्टरों पर निजी अस्पताल चलाने और सरकारी सेवा में होने के बाद भी वहां काम करने की शिकायत पर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने 2019 में 11 डॉक्टरों को दोषी माना था। तब तत्कालीन मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने कार्यवाही करने की बजाय जयपुर चिकित्सा विभाग में लेटर लिख मार्गदर्शन मांगकर इतिश्री कर ली थी। इसमें शामिल कुछ डॉक्टर वर्तमान में विभागाध्यक्ष हैं और कुछ शुक्रवार को हुए आर्डर की पालना में 17 मार्च से विभागाध्यक्ष बनेंगे।

इन 11 डॉक्टर्स को संभागीय आयुक्त की रिपोर्ट में माना था दोषी

डॉ. अनुराग सिंह शिशु रोग विभागाध्यक्ष, डॉ. जेपी सोनी शिशु रोग विभागाध्यक्ष (17 मार्च से बनेंगे), डॉ. प्रमोद शर्मा (शिशु रोग), डॉ. प्रदीप शर्मा (यूरोलॉजिस्ट), डॉ. आरके सारण (यूरोलॉजिस्ट), डॉ. प्रदीप गौड़ (रेडियोथैरेपी), डॉ. किरण मिर्धा ( गायनी), डॉ. सुनील दाधीच गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष, डॉ. गोविद पटेल (हेमेटोलॉजी), डॉ. विनीत तिवारी (मेडिसिन), डॉ. एसपी राठौड़ (ऑर्थोपेडिक)।

खबरें और भी हैं...