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सीएएस पदोन्नति का खौफ:डीन के इस्तीफे के बाद फिर उठे सवाल, जेएनवीयू : प्रो. सुनील मेहता ने पहले विभागाध्यक्ष पद से दिया था इस्तीफा

जोधपुरएक महीने पहले
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सोमवार को फिर एक डीन ने इस्तीफा दे दिया है। - Dainik Bhaskar
सोमवार को फिर एक डीन ने इस्तीफा दे दिया है।

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत चल रही पदोन्नति प्रक्रिया के दिन नजदीक आने के साथ फिर इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को फिर एक डीन ने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि डीन रहने से इस प्रोफेसर ने विभागाध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दिया था, लेकिन अब इस इस्तीफे के बाद फिर प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने लगे हैं। यह पहले डीन नहीं है, जिन्होंने इस्तीफा दिया है।

शिक्षकों की पदोन्नति में नियमों की अस्पष्टता के चलते वाणिज्य संकाय के डीन प्रो. सुनील मेहता ने डीन पद से इस्तीफा दे दिया है। इनके स्थान पर प्रो. डीएस खीची को यह जिम्मेदारी सौंपी है। प्रो. मेहता की ओर से विवि प्रशासन ने पदोन्नति प्रक्रिया के संबंध में कई बार जानकारियां मांगी थी, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिला तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। इससे पूर्व उन्होंने बिजनेस फाइनेंस व इकॉनोमिक्स विभागाध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दिया था।

विज्ञान संकाय में भी चला था इस्तीफे का दौर
डीन पद से इस्तीफे का दौर इसी पदोन्नति की प्रक्रिया के दौरान कुछ माह पूर्व भी चला था। संकाय के तत्कालीन डीन प्रो. अशोक पुरोहित ने डीन पद से इस्तीफा दिया था। उनके स्थान पर जूलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. सीमा त्रिवेदी को जिम्मेदारी दी गई। लेकिन उन्होंने भी इनकार कर दिया। केमिस्ट्री विभाग की प्रो. सीमा कोठारी व बॉटनी विभागाध्यक्ष प्रो. एचआर डागला ने भी इस पद पर कार्य करने से इनकार किया। इसके बाद डीन प्रो. पवन कसेरा को जिम्मा सौंपा गया।

डीन पद पर नियुक्तियों पर भी उठे थे सवाल
डीन पद पर जब प्रो. पवन कसेरा को नियुक्ति दी गई तो उनकी नियुक्ति पर भी सवाल उठे थे। वरीयता के आधार पर गणित विभाग के प्रो. चैनाराम चौधरी को डीन बनाया जाना था। लेकिन नियमों को ताक में रखकर प्रो. पवन कसेरा को डीन की जिम्मेदारी सौंपी। वहीं वरीयता के नियमों की पूर्ण रूप से अनदेखी की। सीएएस प्रक्रिया की शिक्षकों अनुभव को जुड़वाने, विवादित विश्वविद्यालय के अनुभव प्रमाण पत्र व अन्य कारणों से सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

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