पंजाब से दूषित जल:केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से मिले राजस्थान भाजपा के नेता, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड अपशिष्ट जल का प्रबंधन करने की बनाएगा योजना

जोधपुर6 महीने पहले
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दिल्ली में भाजपा नेताओं व अधिकारियों के साथ बैठक लेते केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत। - Dainik Bhaskar
दिल्ली में भाजपा नेताओं व अधिकारियों के साथ बैठक लेते केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत।

राजस्थान में पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों से आ रहे दूषित जल को लेकर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को अधिकारियों को सारी जानकारियां एकत्र कर आगे की कार्यवाही करने के दिशा-निर्देश दिए। शेखावत ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीम पंजाब जाकर यथास्थिति का ब्योरा दर्ज कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) अपशिष्ट जल का प्रबंधन करने की योजना बनाएगा।

जल शक्ति मंत्रालय में शेखावत का दिल्ली में राजस्थान के भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनियां, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्यमंत्री कैलाश चौधरी और सांसद निहालचंद से इस विषय पर गहन विचार-विमर्श हुआ। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि यह आम शिकायत है कि पंजाब से दूषित जल नहरों के माध्यम से राजस्थान पहुंच रहा है, जो जन-धन दोनों के लिए हानिप्रद है। निश्चित ही यह गंभीर परेशानी है। शेखावत ने कहा कि उद्देश्य समस्या का स्थाई और जनहितकारी निदान है। बैठक में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष माधोराम, विधायक सुमित गोदारा, बलवीर लूथरा, बिहारी लाल बिशनोई, संतोष बावरी, अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष कैलाश मेघवाल, किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष हरी राम रिणवा उपस्थित रहे।

राजस्थान के दस जिले प्रभावित

पंजाब से इंदिरा गांधी नहर परियोजना में आ रहे दूषित जहरीले पानी से राजस्थान के 10 जिले श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर नागौर, चूरू, झुंझुनू और सीकर प्रभावित हो रहे हैं। हरिके बैराज से काला दूषित जहरीला पानी छोड़े जाने से राजस्थान की इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंगनहर और भाखड़ा-नांगल सिंचाई तंत्र में जहर फैलता जा रहा है। पिछले दिनों इस विषय को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र भी लिखा था। उन्होंने पत्र में कहा था कि पीना तो दूर, ऐसे जहरीले पानी से सिंचाई तक जानलेवा साबित हो रही है। यह पानी पेयजल के लिए दस जिलों के लगभग दो करोड़ लोगों के लिए सप्लाई किया जाता है।