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  • Rajasthanis Have 25% Seats In Our NLU From The Next Session, The Higher Education Minister Ordered To Change The Act Immediately, This Time The University Also Agreed.

NLU ‘स्टेट कोटा’ संघर्ष:हमारे एनएलयू में अगले सत्र से 25% सीटें राजस्थानियों की, उच्च शिक्षा मंत्री ने एक्ट बदल तुरंत लागू करने का आदेश दिया, इस बार यूनिवर्सिटी भी मान गई

जोधपुर4 दिन पहले
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‘छात्रों के हक’ को दैनिक भास्कर ने उठाया, अभियान बनाया, हर स्तर पर कई बार पहुंचाया, 8 साल चलाया। - Dainik Bhaskar
‘छात्रों के हक’ को दैनिक भास्कर ने उठाया, अभियान बनाया, हर स्तर पर कई बार पहुंचाया, 8 साल चलाया।

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर में प्रवेश के लिए राजस्थानी स्टूडेंट्स को अगले शैक्षणिक सत्र 2022-23 में 25% आरक्षण मिलना तय हो गया है। एनएलयू प्रशासन की सहमति के बाद राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी ने इसकी घोषणा कर दी है। उन्होंने मंगलवार को एनएलयू को एक्ट में बदलाव कर इसे तत्काल लागू करने के आदेश दिए। वहीं एनएलयू की रजिस्ट्रार नेहा गिरि ने भी कहा कि सरकार के आदेश की अक्षरश: पालना की जाएगी। ऐसा पहली बार है जब स्टेट कोटे को लेकर एनएलयू ने भी सहमति जताई है। इसे लेकर दैनिक भास्कर ने आठ साल पहले मुहिम शुरू की थी।

हमारे एनएलयू में अगले सत्र से 25% सीटें राजस्थानियों की, उच्च शिक्षा मंत्री ने एक्ट बदल तुरंत लागू करने का आदेश दिया, इस बार यूनिवर्सिटी भी मान गई स्टेट काेटे के तहत यूजी और पीजी कोर्सेज में सीटें आरक्षित होंगी। एनएलयू प्रशासन ने साेमवार को ही राज्य सरकार को चिट्ठी भेजकर इस पर सहमति जताई है। सिरोही विधायक संयम लोढ़ा के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी ने विधानसभा में इसकी घोषणा की।

भाटी ने कहा कि एनएलयू प्रशासन का सहमति पत्र कल ही मिला है। उसके आधार पर निर्देशित किया जाएगा कि जो भी प्रक्रिया है, उसे अपनाकर आरक्षण व्यवस्था आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा। मंगलवार शाम के बाद आदेश एनएलयू को भेज भी दिया गया।

3 साल पहले सरकार ने घाेषणा की, पर एनएलयू ने अटका रखी थी
एनएलयू में स्टेट रिजर्वेशन के लिए 5 मार्च 2018 को तत्कालीन उच्च शिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी ने घोषणा कर दी थी। देश के कुल 24 लॉ यूनिवर्सिटी में से 21 में स्टेट रिजर्वेशन है, लेकिन जोधपुर में 22 साल बाद भी यह व्यवस्था नहीं होने से राजस्थान के स्टूडेंट्स को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता था। इसे लेकर दैनिक भास्कर ने मुहिम छेड़ी, जो 3 साल पहले रंग लाई और तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने विधानसभा में स्टेट रिजर्वेशन की घोषणा की थी।

उच्च शिक्षा के तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव खेमराज ने आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि सरकार ने नीतिगत निर्णय लिया है कि एनएलयू में राजस्थान के स्टूडेंट्स के लिए 25% आरक्षण का प्रावधान किया जाए, लेकिन एनएलयू ने तीन साल से इसे अटका रखा था और अब सहमति जताई।

6 माह पहले एनएलयू की कमेटी ने असहमति जताई थी, फिर राज्य सरकार ने एजी की राय लेकर फिर पत्र लिखा

  • एनएलयू ने 21 जनवरी 2021 को राज्य सरकार काे पत्र भेजा कि उनकी कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर स्टेट रिजर्वेशन की व्यवस्था करना उचित नहीं है।
  • फिर सरकार ने हाईकोर्ट के महाअधिवक्ता एमएस सिंघवी से विधिक राय मांगी गई।
  • महाअधिवक्ता सिंघवी ने अपनी राय में लिखा कि स्टेट रिजर्वेशन लागू हो सकता है, उन्होंने इसकी प्रक्रिया भी बताई।
  • सरकार ने 10 जुलाई 2021 को एनएलयू को फिर से पत्र भेजा गया था। जिसमें इस विधिक राय के आधार पर एनएलयू से इस संबंध में जानकारी मांगी गई।
  • सरकार ने सिरोही विधायक संयम लोढ़ा के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के आधार पर हाल ही में फिर पत्र भेजा, जिसके जवाब में एनएलयू ने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार के आदेशों की पालना होगी।

इसी साल से लागू होगा: भाटी

  • एनएलयू की सहमति पर स्टेट रिजर्वेशन का निर्णय ले लिया गया है। विवि को आदेश भी भेज दिए हैं। आवश्यक प्रक्रिया के बाद इसे इसी साल लागू किया जाएगा। सीएम अशाेक गहलोत के मार्गदर्शन में यह महत्वपूर्ण निर्णय हुआ, जो प्रदेश के स्टूडेंट्स के लिए लाभदायक होगा। - भंवरसिंह भाटी, उच्च शिक्षामंत्री

​​​​​​​वर्ष 2013: सीएम को मामला बताया, कलेक्टर से रिपोर्ट भी मांगी गई, पर सरकार बदली
भास्कर ने यह मुद्दा उठाया। मामले से शिक्षाविदों, स्टूडेंट्स लीडर व जनप्रतिनिधियों एवं मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। तत्कालीन सीएम अशाेक गहलोत को ज्ञापन सौंपा, फूल सौंपे। उन्होंने इस मामले में कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी। इसी बीच सरकार बदल गई।
वर्ष 2014: शिक्षामंत्री को अवगत कराया, एनएलयू आपके क्षेत्राधिकार में
तत्कालीन शिक्षामंत्री कालीचरण सर्राफ को मामले के संबंध में अवगत करवाने की कोशिश की। स्टूडेंट्स ने उनका घेराव किया। उन्होंने कहा कि एनएलयू उनके क्षेत्राधिकार में नहीं। उन्हें बताया गया कि यह विश्वविद्यालय स्टेट एक्ट में बनी है।
वर्ष 2015: मुद्दा उठाया- 16 में से 12 लॉ विवि में रिजर्वेशन, हमें नहीं
एनएलयू की संख्या बढ़ी और कुल 16 में से 12 लॉ यूनिवर्सिटी में स्टेट रिजर्वेशन की व्यवस्था कर दी गई। लेकिन राजस्थान में नहीं हुई। तो भास्कर ने फिर से मुद्दा उठाया कि हमारे स्टूडेंट्स के लिए 2018 में से केवल 1033 सीटें।
वर्ष 2017: व्यस्त शिक्षामंत्री को समस्या समझाने सूरत तक गए
तत्कालीन उच्च शिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी को इस मामले से अवगत करवाया गया तथा विषय विशेषज्ञों ने स्टेट रिजर्वेशन की व्यवस्था के बारे में बताया। फिर उन्हें प्रदेश में समय नहीं मिला तो गुजरात चुनाव के दौरान सूरत जाकर पूरा मामला समझाया।
वर्ष 2018: शिक्षामंत्री ने विधानसभा में आरक्षण घोषित किया
तत्कालीन उच्च शिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी ने 5 मार्च को जोधपुर एनएलयू में स्टेट रिजर्वेशन की विधानसभा में घोषणा की। एनएलयू को अवगत भी करवाया। एनएलयू ने गंभीरता से नहीं लिया और एक कमेटी गठित कर दी।
वर्ष 2019: कमेटी की रिपोर्ट एक साल तक नहीं आई, समय मांगा जो काउंसिल ने दिया
एनएलयू की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस मंजू गोयल की कमेटी की रिपोर्ट एक साल तक नहीं आई। जब एनएलयू की एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में रिपोर्ट पेश करने के लिए समय मांगा गया। काउंसिल ने समय दिया।
वर्ष 2020: रिपोर्ट के बाद भी एनएलयू ने निर्णय नहीं लिया, फिर कोरोना आया
एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में जस्टिस मंजू गोयल की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। लेकिन इस संबंध में एनएलयू ने कोई कार्रवाई नहीं की। एनएलयू ने इसके बाद कोई निर्णय नहीं लिया और कोविड की वजह से कैंपस बंद हो गए।
वर्ष 2021: सरकार ने NLU से जानकारी मांगी, उन्होंने हामी भरी, घोषणा
राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में विधिक राय मांगी गई तथा इसके बाद विधिक राय के आधार पर एनएलयू से जानकारी मांगी गई। एनएलयू ने इस संबंध में आदेशों की पालना करने के लिए कहा तो उच्च शिक्षामंत्री ने घोषणा कर दी।

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