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75 करोड़ में बनेगा रीजनल कैंसर इंस्टीट्यूट:इंस्टीट्यूट के नए भवन के ऊपर एक हेलीपैड का भी निर्माण कराया जाएगा, भूजल विभाग जमीन पर खोला जाएगा

जोधपुर2 महीने पहले
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जोधपुर में प्रदेश स्तरीय भूजल विभाग के मुख्यालय का बिस्तर बंधने वाला है। शहर के केन्द्र में स्थित भूजल विभाग के मुख्यालय में क्षेत्रीय कैंसर इंस्टीट्यूट खोला जाएगा। 75 करोड़ की लागत से तैयार होने वाला यह संस्थान अपने आप में अलग होगा। इसमें कैंसर के इलाज से जुड़ी सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध होगी। वहीं इंस्टीट्यूट के नए भवन के ऊपर एक हेलीपैड का भी निर्माण कराया जाएगा ताकि गंभीर बीमार मरीजों को सीधा एमडीएम अस्पताल तक एयरलिफ्ट कर लाया जा सके।

भूजल विभाग के मुख्यालय को यहां से पूरी तरह हटाकर अन्यत्र शिफ्ट किया जाएगा या फिर यहीं पर एक हिस्से में रखा जाएगा इस बारे में अभी तक भूजल विभाग के अधिकारी भी अनभिज्ञ है। विभाग के मुख्य अभियंता सूरजभान ने बताया कि हमारे पास करीब 24 बीघा जमीन है। इस जमीन पर कैंसर इंस्टीट्यूट खोलने की चर्चा चल रही है। संपदा विभाग के अधिकारी जमीन का माप करने में जुटे है। उन्हें उम्मीद है कि भूजल विभाग का मुख्यालय यहीं पर रखा जाएगा। वहीं सूत्रों का कहना है कि भूजल विभाग के मुख्यालय को जलदाय विभाग के साथ मिला दिया जाएगा। वहीं यदि दोनों विभागों को एक नहीं किया गया तो जलदाय विभाग के किसी भवन में इसे शिफ्ट करने की योजना है। इतना तय है कि कैंसर इंस्टीट्यूट इसकी जमीन पर बनेगा।

जोधपुर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एसएस राठौड़ ने बताया कि एमडीएम अस्पताल के समीप इससे बेहतर जमीन नहीं मिल सकती है। ऐसे में काफी सोच-विचार कर इस स्थान का चयन किया गया है। इस जमीन को लेने का हमारी तरफ से प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ड्रीम प्रोजेक्ट है। 75 करोड़ की लागत से बनने वाले इंस्टीट्यूट में विश्व स्तरीय सुविधाएं जुटाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस इंस्टीट्यूट की बिल्डिंग के ऊपर एक हेलीपैड बनाने की भी योजना है। वर्तमान में जोधपुर एम्स सहित किसी अस्पताल में हेलीपैड की सुविधा नहीं है। ऐसे में गंभीर किस्म के मरीजों को एयर लिफ्ट कर यहां लाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। जोधपुर पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा शहर है। सीमा क्षेत्र भी यहां के नजदीक है। कई बार अभ्यास के दौरान घायल होने वाले सैनिकों को सड़क मार्ग से यहां लाना पड़ता है। ऐसे में हेलीपैड बनने के बाद इन दिक्कतों से निजात मिल जाएगी।

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