पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

सपनों की उड़ान:सालों पहले स्कूल छूटी, अब ओपन स्कूल से फिर शुरू की अपने सुनहरे कल की पढ़ाई

जोधपुर10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
सरोज
  • दूरदराज ढाणियों व गांवों की बालिकाओं ने दूसरा दशक के सहयोग से घर बैठे पढ़ाई की, राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल से दी 10-12वीं की परीक्षाएं

पूनमचंद विश्नोई. सच कहा गया है कि पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं। ऐसा ही कर दिखा रहीं है ग्रामीण क्षेत्र की कई किशोरियां व महिलाएं। जिनकी पढ़ने की ख्वाहिश थी लेकिन किसी वजह से वे स्कूली दिनों में पढ़ाई नहीं कर पाई। अब वे बरसों बाद राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल स्कीम से दसवीं व बारहवीं की पढ़ाई कर रही हैं। ऐसी किशोरियों के सपनों की उड़ान में मददगार बना है दूसरा दशक।

दूसरा दशक ने स्टेट ओपन स्कूल ने पिछले वर्ष अक्टूबर में इनके लिए 4 महीने का आवासीय व गैर आवासीय शिक्षण शिविर शुरू किया। तब दसवीं की 48 व 12 वीं 8 बालिकाएं पढ़ने आना शुरू हुईं। इनमें 44 बालिकाएं तो आवासीय शिविर में ही रहकर पढ़ाई करने लगी। इस बीच कोरोना महामारी के चलते शिविर स्थगित हो गए। ऐसे में उनके सामने पढ़ाई छूटने का डर सताने लगा लेकिन वॉट्सपए ग्रुप के जरिए पढ़ाई जारी रखी और अब इन किशोरियों ने दसवीं व बारहवीं की परीक्षा दी है।

परियोजना निदेशक मुरारी लाल थानवी बताते हैं कि हमें इस बात का अंदाजा था कि सभी लड़कियों के पास स्मार्टफोन नहीं होगा और नेटवर्क की समस्या भी आएगी। लेकिन उन्होंने अपने भाई, माता-पिता के फोन उपयोग किए। प्रशिक्षिका कंचन थानवी, शैलजा व्यास, नीलम रानी ने हिन्दी, गृहविज्ञान, चित्रकला, डाटा एन्ट्री, समाज शास्त्र, भारतीय संस्कृति एवं विरासत, सामाजिक विज्ञान, इतिहास आदि विषयो के 150 से अधिक प्रश्न-पत्र तैयार कर ग्रुप में भेजे। जिन्हे किशोरियां हल कर वापस भेजती।

दस साल पहले पढ़ाई छोड चुकी यास्मीन बताती हैं कि लॉकडाउन लगा तो उम्मीद छोड़ दी थी कि अब मैं पढ़ पाऊंगी लेकिन घर बैठे शिक्षण सामग्री से यह संभव हो पाया। नैय्यर ने भी 14 बरस पहले पढाई छोड़ दी थी। विजय श्री जोशी, शकीला, वर्षा कल्ला, सरोज जटिया, सपना राजपुरोहित, भावना माली, सोनू व्यास आदि ने भी घर बैठे पढ़ाई की और प्रशिक्षिकाओं से लगातार संपर्क रखा।

अनलॉक के दौरान कल्याणसिंह की सिड, मालमसिंह की सिड, चारणाईं, जाम्बा, देदासरी, कानासर, रावरा, शेखासर, बाप, अखाधन्ना, रिण मलार,जागरिया, जैमला आदि गांवों तथा फलोदी कस्बे में किशोरियों के घर-घर जाकर व्यक्तिगत शैक्षणिक मार्गदर्शन भी दिया गया।
किसी की 12 साल पहले स्कूल छूटी, कोई कभी जा नहीं पाई स्कूल, अब अपने सपने बुनने लगीं

  • ज्योति सोनी: ज्योति सोनी के 6 वर्ष का एक बेटा है। 12 साल पहले उसकी पढ़ाई छूट गई। ज्योति बताती हैं कि 2018 में दूसरा दशक के आवासीय शिविर से जुड़ कर वापस पढ़ाई शुरू की। यहां पर सरल तरीके से पढ़ाने व समझाने लगे। इसका असर हुआ कि सत्र 2018-19 में राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल से दसवीं की परीक्षा मैंने 72 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की। इतने साल बाद पढ़ाई शुरू करने के बाद भी मैं बहुत अच्छे अंकों से पास हुई। मुझे बहुत खुशी हुई और मेरा हौसला बढ़ा। अब मैंने बारहवीं की परीक्षा दी है। पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वच्छता, स्पोकन इंग्लिश, कराटे, गीत, नृत्य आदि सभी तरह के क्रिया-कलाप भी सिखाए गए।
  • सरोज: सरोज के तीन साल की एक बेटी है। वर्तमान में वह अपने माता-पिता के साथ गांव में रहती है। वह बतातीं हैं कि मैं कभी स्कूल नहीं गई। जब दूसरी लड़कियों को स्कूल जाते हुए देखती तो मुझे लगता कि काश मैं भी पढ़ पाती। फिर मुझे दूसरा दशक व राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल के बारे में पता चला। इससे मेरी उम्मीद जगी। मैंने हिम्मत करके दसवीं का फार्म भरा। मेरे साथ मेरी बेटी दिशा भी शिविर में रही। शिविर में आई तो मुझे पढ़ना-लिखना नहीं आता था। यहां बहुत अच्छे तरीके से पढ़ाया। मेरी रूचि बढ़ती गई। जल्द ही शब्दों को जोड़कर छोटी-छोटी किताबें पढ़ने लगी। अभी मैंने दसवीं की परीक्षा दी है। शिविर में कराटे भी सीखे।
  • पूजा: बाप गांव की पूजा ने 2013 में पांचवी पास की थी। उसके बाद घरेलु परिस्थितियों के कारण पढ़ाई छूट गई। इस बार दूसरा दशक के आवासीय शिक्षण शिविर से जुड़ कर दसवीं की परीक्षा दी है। उसने बताया कि जब मुझे कुछ पढ़ना लिखना नहीं आता था तो बुरा लगता था। अब लगने लगा है कि पढ़ाई जीवन में कितनी जरूरी है। शिविर में मैं बार-बार प्रश्न पूछती रहती थी। पढ़ाई के साथ-साथ नृत्य करना सीख लिया। नृत्य से मुझे बहुत फायदा मिला। धीरे धीरे में कराटे सीखने लगी। मैंने पहली कराटा प्रतियोगिता में ही येलो व ग्रीन दोनों बैल्ट प्राप्त कर लिए। अब मैं जूडो-कराटे के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हूं। प्ढ़ाई इसमें मददगार बनेगी।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- परिस्थितियां आपके पक्ष में है। अधिकतर काम मन मुताबिक तरीके से संपन्न होते जाएंगे। किसी प्रिय मित्र से मुलाकात खुशी व ताजगी प्रदान करेगी। पारिवारिक सुख सुविधा संबंधी वस्तुओं के लिए शॉपिंग में ...

और पढ़ें