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पोकरण में अभ्यास के दौरान हादसा:तोप से निकलते ही गोला फटा, BSF का 1 जवान शहीद, 3 घायल; फायरिंग रेंज में 4 दिन में दूसरा हादसा

जोधपुर7 महीने पहले
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पोकरण फायरिंग रेंज में बीते दिनों हुए हादसे में गन की बैरल फटने से एक जवान जख्मी हो गया था।- फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
पोकरण फायरिंग रेंज में बीते दिनों हुए हादसे में गन की बैरल फटने से एक जवान जख्मी हो गया था।- फाइल फोटो।
  • पोकरण में 4 दिन पहले भी 105 एमएम गन की बैरल फटने से सेना का एक जवान घायल हो गया था

राजस्थान की पोकरण फायरिंग रेंज में मंगलवार रात सैन्य अभ्यास के दौरान हादसा हो गया। यहां 105 एमएम गन (तोप) से गोले दागते समय एक गोला फट गया। इस हादसे में BSF का एक जवान शहीद हो गया। वहीं 3 अन्य जवान घायल हो गए। BSF ने जांच के आदेश दिए हैं। पिछले 4 दिन में पोकरण में 105 एमएम गन से यह दूसरा हादसा हुआ है। बीते दिनों हुए हादसे में गन की बैरल फटने से एक जवान जख्मी हो गया था।

सैन्य सूत्रों के मुताबिक, BSF इन दिनों सेना की पोकरण स्थित फायरिंग रेंज में अभ्यास कर रही है। सीमा के पास किशनगढ़ में BSF की खुद की फायरिंग रेंज है। लेकिन 105 एमएम गन की रेंज 17 किलोमीटर होने के कारण इससे गोले दागने का अभ्यास बड़ी फायरिंग रेंज पोकरण में किया जा रहा है।

बाहर निकलते ही फटा गोला
मंगलवार देर रात गन से गोला दागते ही यह दूर जाने की बजाय बाहर निकलते ही फट गया। इससे चार जवान घायल हो गए। बाद में उत्तर प्रदेश निवासी जवान सतीश ने दम तोड़ दिया। 3 अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। इनकी हालत खतरे से बाहर है।

BSF के पास 140 एमएम गन
BSF
के पास 140 एमएम गन है। 7 आर्टिलरी रेजिमेंट इनका इस्तेमाल करती हैं। सिर्फ इस गन से युद्ध नहीं लड़ा जा सकता, लेकिन दुश्मन के किसी हमले को रोकने में यह काफी मददगार साबित होती है। आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट संस्थान की ओर से विकसित यह गन 17 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है।

इन गन को पहाड़ों और रेगिस्तानी इलाकों में समान रूप से उपयोग किया जा सकता है। वजन में हल्की होने के कारण इन्हें हेलिकॉप्टर से लिफ्ट कर किसी भी इलाके में आसानी से पहुंचाया जा सकता है। देश में विकसित इस गन की कई मौकों पर उपयोगिता साबित हो चुकी है। BSF की ऐसी ज्यादातर गन जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं।

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