ISI महिला एजेंट ने आर्मी जवान का हनीट्रैप किया:शादी का झांसा देकर मांगे सीक्रेट इनपुट, भारतीय जवान गिरफ्तार

जोधपुरएक महीने पहले

पाकिस्तान को गोपनीय सीक्रेट जानकारी देने के आरोप में भारतीय जवान को पकड़ा गया है। हनीट्रैप की आशंका के चलते सेना के अधिकारी उस पर नजर रखे हुए थे और पुष्टि होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जवान जोधपुर में तैनात था। उसे पाकिस्तान की ISI महिला एजेंट ने हनीट्रैप में फंसाया था। आरोप है कि हनीट्रैप में फंसने के बाद सेना से जुड़े कई सीक्रेट डॉक्यूमेंट जवान ने महिला से शेयर भी किए।

राजस्थान इंटेलिजेंस की ओर से इसकी पुष्टि होने के बाद 18 मई को जोधपुर से पकड़ा और जयपुर ले गई। पूछताछ में कई जानकारियां सामने आई हैं। सेना के जवान ने अधिकारियों को बताया कि वह आर्मी ऑफिस में जाकर महिला को कई सारी इन्फॉर्मेशन शेयर करता था।

पूछताछ में सामने आया है कि 24 वर्षीय प्रदीप कुमार मूल रूप से उत्तराखंड के रुड़की का रहने वाला है। तीन वर्ष पूर्व ही वह सेना में भर्ती हुआ था। ट्रेनिंग के बाद गनर के रूप में उसकी पोस्टिंग जोधपुर में सेना की अतिसंवेदनशील रेजिमेंट में हुई।

लगभग सात महीने पहले उसके मोबाइल पर एक अनजान महिला का फोन आया। महिला का लगातार फोन आने पर प्रदीप की उसके साथ दोस्ती हो गई। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। इस महिला ने खुद को एमपी का निवासी बताया। साथ ही कहा कि वह बेंगलुरु में एक मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत है।
जासूस वीडियो कॉल पर बात करती, मिलने का वादा किया
महिला जासूस के कॉल में वह ऐसा फंसता चला गया कि वह जैसे-जैसे डॉक्यूमेंट शेयर करने का कहती जवान वह करता रहता था। इस पाकिस्तानी महिला एजेंट ने प्रदीप कुमार को शादी करने का झांसा भी दिया। इन दोनों की वीडियो कॉल पर भी बात होती थी। साथ ही उसने दिल्ली में भी मिलने का वादा किया था।

शादी का झांसा देकर डॉक्यूमेंट भी शेयर किए
डीजी इंटेलिजेंस उमेश मिश्रा ने बताया कि पाकिस्तानी एजेंट महिला ने शादी का झांसा देकर प्रदीप कुमार से सेना के गोपनीय दस्तावेजों के फोटो मांगना शुरू कर दिया। इसके बाद प्रदीप ने कई बार अपने कार्यालय के सेना के सीक्रेट डॉक्यूमेंट की फोटो लेकर उसे भेज दिए।

उसके मोबाइल की जांच में इन फोटो के भेजने की पुष्टि भी हो गई है। इस महिला ने प्रदीप कुमार के जरिये एक मोबाइल सिम भी हासिल कर ली। ताकि इसके माध्यम से वह अन्य जवानों को अपना शिकार बना सके।

ऑनलाइन किया जा रहा है टारगेट
हनीट्रैप की आशंका को देखते हुए सेना पिछले कुछ सालों से लगातार अपने कर्मियों को खास तरह के निर्देश देती आई है। उनसे ऑफिशियल वर्क के दौरान व्‍हाट्सएप का इस्‍तेमाल नहीं करने को कहा गया है. साथ ही संवेदनशील काम करते वक्‍त अपने फेसबुक और इंस्‍टाग्राम अकाउंट को डिलीट करने का निर्देश दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्‍तान और चीन की खुफिया एजेंसी घात लगाकर बैठी हैं। सेना के कर्मचारियों को ऑनलाइन टारगेट किया जा रहा है।