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  • The Corporation Was Adamant On Not Giving 80 Paise Cubic Meter Discount On Sewerage Gas 6 Years Ago, The Company Went Away, If The Plant Had Been Built, The Corporation Would Have Earned 17.8 Crores.

प्लांट लगाने का प्रस्ताव:निगम 6 वर्ष पूर्व सीवरेज गैस पर 80 पैसे क्यूबिक मीटर छूट ना देने पर अड़ा, कंपनी चली गई, प्लांट लगता तो निगम को 17.8 करोड़ कमाई होती

जाेधपुर2 महीने पहलेलेखक: राजेश त्रिवेदी
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सालावास स्थित नगर निगम के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर जलती सीवरेज गैस। - Dainik Bhaskar
सालावास स्थित नगर निगम के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर जलती सीवरेज गैस।

सालावास में दाे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में शहर से निकलने वाले लगभग 100 एमएलडी सीवरेज का गंदा पानी उपचारित कर छाेड़ा जा रहा है। इसी प्लांट से निकलने वाली 4000 मीटर क्यूबिक सीवरेज गैस नगर निगम के अड़ियल रवैये के चलते व्यर्थ ही जल रही हैं। जबकि करीब 6 साल पहले मुंबई की एक कंपनी ने सीवरेज से गैस बनाने के लिए प्लांट लगाने का प्रस्ताव देकर इस गैस काे 9.50 रु. प्रति क्यूबिक मीटर के हिसाब से खरीद लिया था।

कंपनी की ओर से छाेटी सी छूट मांगने के मसले पर निगम प्रशासन के अड़ियल रवैये से प्लांट नहीं लग पाया। कंपनी सीवरेज गैस के बदले निगम काे प्रति माह पाैने 6 लाख रुपए ताे देती ही, शहरवासियाें काे सस्ती रसाेई गैस व सीएनजी के रूप में उद्याेगाें काे भी सस्ता ईंधन मिल पाता।

भूमि किराया माफी प्रस्ताव भी ना माना, वर्ना CNG भी खूब मिलती

कंपनी ने निगम अफसरों से कहा था कि या ताे जमीन का किराया माफ कर दाे या फिर 0.80 पैसे प्रति क्यूबिक मीटर (यानि 8.70 रुपए प्रति क्यूबिक मी.) की सशर्त छूट दे दाे। तब सालावास में 50 एमएलडी का 1 एसटीपी था। इससे 2000 क्यूबिक गैस निकल रही थी। अब सालावास में 50-50 एमएलडी के 2 प्लांट ने काम करना शुरू दिया, ऐसे में यहां 4000 मीटर क्यूबिक से भी ज्यादा की गैस बन रही, जो व्यर्थ ही जल रही है। कंपनी का पूरा फाेकस सीएनजी पर था। सालावास एसटीपी पर बनने वाली गैस में 60 से 65 फीसदी हिस्सा मिथेन गैस और 25 से 30 फीसदी हिस्सा कार्बन डाई ऑक्साइड का है। कंपनी ने सीवरेज गैस इसलिए ही खरीदी थी ताकि मिथेन गैस का उपयोग रसोई गैस के रूप में करती, तो कार्बन डाई ऑक्साइड उद्योगों अस्पतालों के लिए दे देती।

किसकाे क्या फायदा होता
1. निगम

50 एमएलडी प्लांट की सीवरेज गैस से मासिक पाैने 6 लाख रु. आय हाेती। इतनी ही क्षमता के अन्य प्लांट से आय दुगुनी हाेती। (यानि प्रतिमाह 11.5 लाख)

2. उद्याेग
ग्वारगम, स्टील आदि उद्योगों में महंगा कोयला, डीजल भट्टियां या कॉमर्शियल गैस काम ले रहे हैंै। सीएनजी के रूप में सस्ता ईंधन मिलेगा।

3. अस्पताल
सालावास एसटीपी पर बनने वाली गैस में 25 से 30% सीओ2 है। उपयाेग अस्पतालों व उद्याेग दाेनाें में हाे पाता। काेराेना में काफी उपयाेगी हाे सकती थी।

सालावास एसटीपी की सीवरेज गैस खरीदने का प्रस्ताव मैसर्स कार्बन क्लीन सोल्यूशन प्रा. लि ने दिया था। यह कंपनी यूके, डेनमार्क, नीदरलैंड, जर्मनी में ऐसे प्लांट संचालित कर रही है, भारत में कंपनी का पहला प्लांट प्रस्तावित था। जयपुर में भी लंबे समय से गैस प्लांट चल रहा है।

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