भ्रूण लिंग परीक्षण करते महिला दलाल सहित दो गिरफ्तार:53 हजार रुपए में किया था सौदा, परीक्षण करते ही पीएसपीएनडीटी की टीम ने दबोचा

4 महीने पहले
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जोधपुर में भ्रूण लिंग परीक्षण करते पकड़े गए पुरुष व महिला। - Dainik Bhaskar
जोधपुर में भ्रूण लिंग परीक्षण करते पकड़े गए पुरुष व महिला।

जोधपुर में शनिवार को एक महिला व पुरुष को अवैध तरीके से भ्रूण लिंग परीक्षण करते पीएसपीएनडीटी की टीम ने दबोच लिया। इन दोनों ने भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए साठ हजार रुपए की मांग की थी। आखिरकार 53 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। गिरफ्तार किए गए दोनों मिलकर अब तक करीब एक दर्जन से अधिक भ्रूण लिंग परीक्षण कर चुके है।

पीएसपीएनडीटी की टीम को सूचना मिली कि जोधपुर में दो लोग एक पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के जरिये भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहे है। इस पर परियोजना के निदेशक सुरेश यादव के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक रमेश तिवाड़ी सहित एक टीम 20 मई को जोधपुर पहुंची। इस टीम ने एक गर्भवती महिला को ऑपरेटर रामप्रताप जाट के साथ परीक्षण कार्य की दलाल भीलवाड़ा जिला निवासी महिला शांता देवी जाट के पास मिलने रातनाडा क्षेत्र के गणेशपुरा स्थित उसके मकान पर भेजा। शांता ने भ्रूण लिंग परीक्षण करने के लिए साठ हजार रुपए की मांग की। बाद में सौदा 53 हजार रुपए में तय हुआ। इसके साथ ही शांता ने महिला से 53 हजार रुपए ले लिए। बाद में वह स्वयं एक मोटर साइकिल पर रवाना हो गई। गर्भवती महिला के साथ गए ऑपरेटर रामप्रताप से कहा कि मेरे पीछे आते जाए। शांता दोनों को करीब बीस किलोमीटर दूर स्थित गुड़ा विश्नोईयान गांव लेकर गई। वहां वे पवन कुमार प्रजापत के मकान पर पहुंचे। पवन कुमार ने महिला का भ्रूण परीक्षण किया। साथ ही बताया कि उसके पेट में लड़की है। उसी समय रामप्रताप ने टीम को इशारा किया गया। टीम ने मौके पर पहुंच दोनों को पकड़ लिया। वहां से एक पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन बरामद की गई। साथ ही पवन कुमार के पास से 28 हजार रुपए व शांता के पास से 25 हजार रुपए बरामद किए गए।

पकड़े गए पवन कुमार ने यूपी के गाजियाबाद से वर्ष 1990 मेंबीएएमएस की डिग्री ले रखी है। वर्तमान में वह शिकारगढ़ क्षेत्र के दिव्यम अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर सहायक के रूप में कार्य करता है। पूर्व में वह गुड़ा विश्नोईयान में अपनी पत्नी डॉ. कुसुम प्रजापत के नाम से एक अस्पताल चलाया करता था। वर्ष 2017 में पत्नी के निधन के बाद अस्पताल बंद हो गया। वहीं शांता जीएनएम का कोर्स कर चुकी है और लोगों को घर जाकर अपनी सेवा देती है। दोनों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे अब तक एक दर्जन से अधिक भ्रूण लिंग परीक्षण कर चुके है।