• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jodhpur
  • The Government Had Deposited The Subsidy Premium 5 Years Ago, The Insurance Company Is Now Reluctant To Pay Interest On The Delay, The High Court

लूणी क्षेत्र के पांच गांवों के 1151 किसानों से जुड़ा:सरकार ने 5 साल पहले ही जमा करा दिया था सब्सिडी का प्रीमियम, देरी पर इंश्योरेंस कंपनी अब ब्याज देने में कर रही आनाकानी, हाईकोर्ट

जोधपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी। - Dainik Bhaskar
अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी।
  • प्रबंध निदेशक 15 को तलब खंडपीठ ने किसानों को ब्याज की राशि चुकाने में विफल रहने पर इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंध निदेशक को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।

हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फसल खराब होने पर किसानों को सब्सिडी चुकाई तो अब ब्याज को लेकर विवाद हो गया है। किसान ब्याज मांग रहे हैं और कंपनी देने से आनाकानी कर रही है। सरकार से प्रीमियम की राशि नहीं मिलने की इंश्योरेंस कंपनी ने जब बात कही तो कोर्ट ने जमा करवाई गई राशि का तारीखवार रिकॉर्ड तलब कर लिया। सरकार द्वारा पेश किए गए तारीखवार ब्यौरे के बाद जस्टिस संदीप मेहता व समीर जैन की खंडपीठ ने एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंध निदेशक को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। अब इस मामले में 15 दिसंबर को सुनवाई होगी।

यह है मामला
याचिकाकर्ता भल्लाराम पटेल की ओर से अधिवक्ता मोतीसिंह ने जनहित याचिका दायर की। याचिका में यह तथ्य लाया कि प्रीमियम जमा कराने के बावजूद सतलाना, करनियाली, खेड़ा सतलाना, माधोपुरा व गोलिया मगरा के 1151 किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सब्सिडी नहीं दी गई। कोर्ट के हस्तक्षेप से वर्ष 2016 की करीब 1.80 करोड़ रुपए सब्सिडी चुका दी गई, लेकिन अभी भी दो साल की सब्सिडी बाकी है।
ब्याज का विवाद
सब्सिडी चुकाने में देरी होने पर ब्याज देने का प्रावधान है। यानी एक महीने की देरी पर 12 प्रतिशत ब्याज देय होगा। सब्सिडी देरी से चुकाई गई, इसलिए 75-80 लाख रुपए का ब्याज बनता है, जो नहीं दिया जा रहा है। इस पर इंश्योरेंस कंपनी का कहना था कि उसे सरकार से सब्सिडी की प्रीमियम की राशि नहीं मिली।
कंपनी के खाते में पांच बार जमा करवाई राशि
हाईकोर्ट द्वारा जमा करवाई गई राशि का तारीखवार ब्यौरा तलब किया गया। सरकार की ओर से एएजी करणसिंह राजपुरोहित ने शपथ पत्र के साथ तारीखवार ब्यौरा पेश किया। इसमें बताया गया कि 3 नवंबर 2016, 7 मार्च 2017, 21 मार्च 2017, 30 मार्च 2018 व 21 फरवरी 2019 को इंश्योरेंस कंपनी के खाते में राशि ट्रांसफर की गई है।

खबरें और भी हैं...