राजस्थान / टिडि्डयों का खात्मा करने के लिए अब हेलिकॉप्टर से स्प्रे होगा, बाड़मेर में तैनात रहेगा, 5 जिलों में सेवाएं देगा

टिड्‌डी मारने के लिए मंगलवार को नोएडा से बाड़मेर के लिए हेलिकॉप्टर रवाना करते केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी। टिड्‌डी मारने के लिए मंगलवार को नोएडा से बाड़मेर के लिए हेलिकॉप्टर रवाना करते केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी।
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टिड्‌डी मारने के लिए मंगलवार को नोएडा से बाड़मेर के लिए हेलिकॉप्टर रवाना करते केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी।टिड्‌डी मारने के लिए मंगलवार को नोएडा से बाड़मेर के लिए हेलिकॉप्टर रवाना करते केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी।

  • केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने नोएडा से बाड़मेर के लिए हेलिकॉप्टर रवाना किया
  • यहां बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और नागौर जिलों में सेवाएं देगा

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 12:25 AM IST

जोधपुर. फसलों के लिए खतरा बनीं टिडि्डयों का खात्मा करने के लिए अब जमीन के साथ ही आसमान से भी हमला किया जाएगा। इसके लिए ड्रोन के बाद अब हेलिकॉप्टर का उपयोग होगा। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने देशभर के लिए पहली बार पांच हेलिकॉप्टर किराए पर लिए हैं। इन हेलिकॉप्टर को विशेष रूप से तैयार किया गया है। एक हेलिकॉप्टर करीब 50 हेक्टेयर क्षेत्र में 250 लीटर कीटनाशक का स्प्रे करेगा। मंगलवार को केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने नोएडा से बाड़मेर के लिए एक हेलिकॉप्टर को रवाना किया। 

उत्तरलाई एयरबेस पर रहेगा तैनात

यह हेलिकॉप्टर बाड़मेर के उत्तरलाई एयरबेस पर तैनात रहेगा। जरूरत के आधार पर इसे बाड़मेर के साथ जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और नागौर जिलों में टिड्‌डी नियंत्रण के लिए काम में लिया जाएगा। केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी बाड़मेर-जैसलमेर के सांसद हैं। जोधपुर जिले में टिड्‌डी से सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। ऐसे में उनके प्रयास रंग लाए और केन्द्र सरकार ने एक निजी कंपनी से हेलिकॉप्टर किराए पर लेने का फैसला किया।

एक हेलिकॉप्टर पर सवा करोड़ का खर्च

टिड्‌डी नियंत्रण के लिए किराए पर लिए गए हेलिकॉप्टर अलग-अलग पॉइंट पर अलर्ट मोड पर रहेंगे। इस हेलिकॉप्टर में पायलट के नीचे दोनों तरफ स्प्रे करने की सुविधा है। एक हेलिकॉप्टर की उड़ान पर करीब सवा करोड़ रुपए खर्च आने की संभावना है। कंपनी से हुए करार के तहत 60 दिन में इसकी 100 घंटे की उड़ान अनिवार्य है।

विभाग ने मांगे थे हेलिकॉप्टर
टिड्‌डी नियंत्रण विभाग कई दिन से हेलिकॉप्टर की मांग कर रहा था। विभाग का मानना है कि हेलिकॉप्टर सबसे प्रभावी तरीका है। ऐसे हेलिकॉप्टर नहीं मिलने पर विभाग ने ड्रोन की व्यवस्था की। देश में इस समय 12 ड्रोन टिडि्डयों को मारने के लिए काम कर रहे हैं। इसके अलावा ट्रैक्टर पर कंप्रेशर स्प्रे की सहायता से टिडि्डयों को खात्मा किया जा रहा है। 

एफएओ की चेतावनी- अभी और हो सकते हैं टिड्‌डी हमले
संयुक्त राष्ट्र संघ के संगठन एफएओ (फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन) ने चेतावनी जारी की है कि राजस्थान में टिडि्डयों का खतरा फिलहाल टला नहीं है। सीमा के निकट भारत और पाकिस्तान में टिडि्डयों ने बड़ी संख्या में अंडे देना शुरू किए हैं। यह तारबंदी के नीचे से होकर भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। भारतीय सीमा के निकट सिंध प्रांत में टिडि्डयों ने बड़ी संख्या में अंडे दिए हैं। जबकि खैबर पख्तूनवा प्रांत से टिडि्डयों के बड़े दल उड़ान भरने की तैयारी में हैं। दूसरी तरफ ईरान से सटी पाकिस्तान की सीमा के भीतर अंडों से निकले टिड्‌डे युवा होकर फसलों पर हमला करते हुए आगे बढ़ने की तैयारी में हैं। एफएओ का कहना है कि अगर टिडि्डयों को कंट्रोल नहीं किया जाता तो इनकी संख्या काफी ज्यादा बढ़ सकती है। संगठन के अनुसार, टिडि्डयों के कुछ समूह पश्चिमी राजस्थान में सक्रिय हैं।

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