कृषि बजट पर लिए सुझाव:आवारा पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान का मुद्दा छाया रहा, किसानों ने अन्य कई समस्याओं को उठाया

जोधपुर6 महीने पहले
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जोधपुर में कृषि बजट पर आयोजित बैठक में उपस्थित किसान। - Dainik Bhaskar
जोधपुर में कृषि बजट पर आयोजित बैठक में उपस्थित किसान।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की वर्ष 2021-22 की बजट घोषणानुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य में अलग से पेश किए जाने वाले कृषि बजट की संभाग स्तरीय बजट पूर्व चर्चा में आवारा पशुओं की समस्या का मुद्दा छाया रहा। किसानों ने आवारा पशुओं को लेकर किसानों की तरफ से कहा गया कि इनके कारण बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, किसानों ने अन्य कई समस्याओं को उठाया।

कृषि विश्व विद्यालय परिसर के कृषि अनुसंधान केन्द्र मण्डोर सभागार में संभाग के प्रगतिशील किसानों, पशुपालकों, डेयरी संघों के पदाधिकारियों व कृषक उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व चर्चा में संभागभर से आए प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

संभागीय आयुक्त डॅा राजेश शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अलग से कृषि बजट प्रस्तुत करने की बजट घोषणा कृषि व उससे जुड़े सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इसी को लेकर संभाग स्तर पर कृषि के जुड़े प्रतिनिधियों से सार्थक चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि सीधे सुझाव लिए जा रहे और इसी आधार पर महत्वपूर्ण सुझावों को कृषि बजट में शामिल किया जाएगा। संभागीय आयुक्त ने कहा कि कृषि वर्षा आधारित है। उन्होंने कहा कि इस तरह व्यू रचना होनी चाहिए ताकि वर्ष भर पशुओं को चारा मिलता रहे। उन्होंने कहा कि ब्रीड सुधार के साथ गौशालाओं को भी स्वावलम्बी बनाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं की समस्या का समाधान हो व उन्हे गौशालाओं में शिफ्ट कराया जावे। उन्होंने वेल्यूऐडिसन व प्रोसेसिंग की बात करते हुए कहा प्रोसेसिंग यूनिट, मंडी मार्केटिंग, सुविधा होनी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कृषि व पशुपालन पर लागत मूल्य कम करना होगा।

जिला कलक्टर इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि कृषि बजट किसानों व खेती से जुड़ने सभी के लिए लाभदायक होगा। कार्यक्रम में प्रशासक कृषि विपणन बोर्ड सोहनलाल शर्मा भी उपस्थित थे। कृषि विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ बीआर चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का अलग कृषि बजट प्रस्तुत करने का निर्णय प्रदेश के किसानों व इनसे जुड़े अन्य कार्यो को इसका सीधा फायदा मिलेगा।

इन प्रतिनिधियों ने दिए सुझाव

कृषि बजट पूर्व संवाद के दौरान जोधपुर संभाग के जोधपुर, पाली, जालोर, सिरोही, बाड़मेर व जैसलमेंर से किसान, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी के जुड़े संघ, संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने सुझाव दिए। इसमें डेयरी चेयरमेंन रामलाल विश्नोई, जयनारायण सांखला, भगवान राठी ओसिंया, हनुमानसिंह बौरूंदा, गणवीर, ललित, रामनिवास चौधरी, हाजी बाबू खां, रामचन्द्र मेघवाल रोहिचा कला, प्रकाश भंवरिया, भंवरलाल बिलाड़ा, रूपराम जैसलमेंर, नरपंतसिंह चारण बालोतरा, मुकेश कुमार कल्याणपुर, रजत कुमार बाड़मेर, हनुमान चौधरी बालोतरा, शिवकरण सैनी भोपालगढ सहित अन्य जिलो के प्रतिनिधियों ने अपने अपने सुझाव दिए व लिखित में भी सुझाव प्रस्तुत किए।