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इंदिरा रसोई रिश्वत मामला:रिश्वत लेते का वीडियो बनने व एसीबी कार्रवाई की भनक लगते ही आयुक्त से स्वीकृत करवाया था छुट्‌टी का आवेदन

जोधपुर11 दिन पहले
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बाबू को एक माह पहले ही इंदिरा रसोई का काम सौंपा था। - Dainik Bhaskar
बाबू को एक माह पहले ही इंदिरा रसोई का काम सौंपा था।

इंदिरा रसोई के बिल पास करवाने की एवज में रिश्वत लेते वीडियो में कैद बाबू गुलाब मोहम्मद तीसरे दिन भी ऑफिस नहीं पहुंचा, लेकिन जब सक्षम स्तर से स्वीकृत छुट्‌टी का आवेदन संस्थापन शाखा में पहुंचा तो अफसर सहित अन्य कर्मचारी भी उसकी इस चतुराई से दंग रह गए।

रिश्वत की राशि लेते हुए वीडियो व निगम के सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बाद बाबू को जब एसीबी में शिकायत होने की भनक लगी तो वह दौड़ा-दौड़ा निगम (दक्षिण) आयुक्त अरुण कुमार पुरोहित के कक्ष में पहुंचा और बीमारी का बहाना बताकर आयुक्त से केज्युअल लीव (सीएल) स्वीकृत करवा ऑफिस से गायब हो गया। इधर, कैशियर ओमप्रकाश विश्नोई तीन दिन बाद कुछ देर के लिए निगम मुख्यालय पहुंचे।

उपस्थिति दर्ज करने का प्रयास किया, लेकिन वे उसमें सफल नहीं हुए। आयुक्त पुरोहित ने कैशियर व बाबू पर बिल पास करवाने के आरोप की एसीबी में शिकायत के बाद दोनों को हटा दिया, अब कैशियर विश्नोई को आवंटित सभी कार्य बाबू धन्नाराम और बाबू गुलाब को आवंटित सभी कार्य बाबू श्यामलाल को सौंपे गए हैं। वहीं एसीबी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर ली है।

पीपाड़ में इंदिरा रसोई के ठेकेदार तुलसीराम से बिल पास करवाने के एवज में बाबू-कैशियर के रिश्वत की राशि लेते वीडियो में कैद होने के मामले में एसीबी के गोपनीय सत्यापन में पुष्टि होने के बाद एफआईआर दर्ज करने की जांच रिपोर्ट जयपुर स्थित एसीबी मुख्यालय को भिजवा दी है, अब एसीबी सहमति मिलने का इंतजार कर रही है। आरोपी बाबू गुलाब मोहम्मद को गत 18 अक्टूबर को ही आयुक्त ने एक आदेश निकालकर नाम हस्तांतरण (वार्ड 41 से 80), योजना क्षेत्र के पट्‌टे (वार्ड 41 से 80) और इंदिरा रसोई का कार्य आवंटित किया था।

आरोपी बाबू उपायुक्त (दक्षिण) आकांक्षा बैरवा के अधीन काम देख रहा था। बाबू गुलाब मोहम्मद पू‌र्व महापौर घनश्याम आेझा के कार्यकाल में हुए फर्जी पट्‌टा प्रकरण में भी जांच का हिस्सा रहा था, इसके बाद से उसे मुख्य कार्य से दूर रखा जा रहा था।

भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद एसीबी ने चार मामलों में पेश किए चालान
भास्कर ने इस प्रकरण के बाद निगम दक्षिण में सात माह में निगम के तीन घूसखोर कर्मचारियों की खबर को प्राथमिकता के साथ प्रकाशित किया था। दक्षिण निगम में इंदिरा रसोई के बिल को पास करवाने के एवज में रिश्वत की राशि मांगने का मामला प्रकाश में आने के बाद उप महानिरीक्षक कैलाशचंद्र विश्नोई के निर्देशन में एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लखावत ने एसीबी में दक्षिण के पूर्व में लंबित 3 अन्य प्रकरणों का निस्तारण कर गुरुवार को घूसखोर निगम कर्मचारियों के खिलाफ संबंधित न्यायालय में चालान पेश दिए। हालांकि इस मामले में निगम दक्षिण प्रशासन का रवैया भी सकारात्मक रहा। आम तौर पर अभियोजन स्वीकृति अटकाने वाले

अफसरों ने अभियोजन चलाने की स्वीकृति दे दी।
मैरिज प्लेस संचालक से रिश्वत लेने वाले सफाई प्रभारी के खिलाफ चालान पेश: सात माह पहले निगम दक्षिण केसफाई प्रभारी सुरेंद्र बारासा ने रिश्वत पाने के लिए आपदा में अवसर ढूंढ़ निकाला। कोरोना काल में मैरिज प्लेस में होने वाली शादियों को लेकर कोरोना गाइडलाइन की पालना के लिए तंग करने लगा।

उसने इसके एवज में हर शादी के 10 हजार रुपए देने की मांग की। एसीबी में शिकायत के बाद उसे रिश्वत के 2 हजार रुपए लेते पकड़ा था। जांच में आरोपी सहित परिवादी व उसकी पत्नी भी पॉजिटिव मिली थी। ऐसे में उसके घर की तलाशी होनी बाकी थी। इसके अलावा सरदारपुरा इलाके में आवासीय निर्माण रुकवाने गए सफाई निरीक्षक लक्ष्मीचंद सहित बावड़ी उपखंड के वरिष्ठ लिपिक छोगाराम और पप्पूराम उर्फ सुनील के खिलाफ विधिक कार्यवाही करने के लिए भ्रष्टाचार निवारण मामलात की अदालत में चालान पेश किया। इधर, बोम्बे मोटर्स के समीप बस स्टैंड के समीप एक सीज व्यावसायिक इमारत को खोलने के एवज में एक लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया डीओ बाबू चंद्रजीत हंस व दलाल मोहम्मद जाहिद के खिलाफ चालान पेश होना बाकी है।

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