नकबजनी की वारदात का खुलासा:रिश्तेदार ने ही दोस्त व भतीजे से करवाई चोरी, फिर चुराए जेवर खरीद बैंक से ले लिया था गोल्ड लोन

जोधपुर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सांकेतिक फोटो - Dainik Bhaskar
सांकेतिक फोटो
  • कुड़ी भगतासनी थाना क्षेत्र के मानपुरा क्षेत्र में जनवरी को हुई थी नकबजनी की वारदात

झालामंड में मानपुरा इलाके में करीब डेढ़ महीने पहले दो मकानों के ताले तोड़ लाखों रुपए कीमत के स्वर्णाभूषण व नकदी चोरी की दो वारदातें करने वाला पीड़ित परिवार का रिश्तेदार ही था। उसने अपने दोस्त व भतीजे से वारदात करवाने के बाद इनसे आभूषण खरीद लिए और बाद में स्वर्णाभूषण को एक बैंक में गिरवी रखकर गोल्ड लोन ले लिया।

कुड़ी भगतासनी थानाधिकारी जुल्फिकार अली ने बताया कि 24 जनवरी को झालामंड मानपुरा नर्बदेश्वर महादेव मंदिर के सामने रहने वाले जीयाराम पुत्र गोबरराम की ओर से रिपोर्ट दी गई थी। इसमें बताया कि 23 जनवरी की सुबह वे अपने भाई सोहनलाल, दोनों परिवार के साथ रामदेवरा व तनोट माता के दर्शन करने गए थे। अगले दिन सुबह परिवादी को ढाणी से भतीजे सुंदर ने फोन कर बताया कि परिवादी और सोहनलाल के बेटे सुमेरराम के घरों के ताले टूटे पड़े हैं।

भीतर नकदी व जेवरात भी गायब थे। मामले की पड़ताल में जुटी पुलिस टीम ने कई दिनों की मशक्कत के बाद संदेह के आधार पर पीड़ित परिवार के रिश्तेदार पन्नाराम प्रजापत पुत्र रघुनाथ को पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जनवरी में जीयाराम व सुमेरराम के घर पर हुई नकबजनी की वारदात उसके दोस्त अनिल और पन्नाराम के नाबालिग भतीजे ने की थी।

उन दोनों से पन्नालाल ने चुराया गया माल खरीद लिया था। बाद में शातिर ने उस ज्वैलरी को एक निजी बैंक में गिरवी रखकर गोल्ड लोन ले लिया। तमाम तथ्यों की पुष्टि होने पर पुलिस ने पन्नाराम को गिरफ्तार किया। जबकि, उसके नाबालिग भतीजे को पकड़कर उसकी निशानदेही पर चोरी किए कुछ जेवर व नकदी बरामद की। तत्पश्चात उसे किशोर न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। जबकि, पन्नाराम से पूछताछ कर पुलिस चुराया माल बरामदगी के प्रयास कर रही है।

खबरें और भी हैं...