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सुप्रीम कोर्ट में टली आसाराम की सुनवाई:गहलोत सरकार ने किया जमानत का विरोध, कहा- जेल से बाहर आने के लिए बहाने बना रहा, जोधपुर में इलाज की बेहतरीन सुविधा

जोधपुर2 महीने पहले
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यौन उत्पीड़न मामले में जेल में सजा काट रहे आसाराम की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई। कोर्ट में सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार ने आसाराम को जमानत देने का विरोध किया। सरकार ने कहा कि जोधपुर में आयुर्वेद और एलोपैथी दोनों का बेहतर इलाज हो सकता है। आसाराम सिर्फ जेल से बाहर आने के लिए इलाज का बहाना बना रहा है। सरकार के तर्क पर आसाराम के वकील ने जवाब देने के लिए कोर्ट से समय मांगा। मामले की अगली सुनवाई अब शुक्रवार को होगी।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस नवीन सिन्हा व जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच में आज मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई शुरू होते ही राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि आसाराम वर्ष 2016 में भी सुप्रीम कोर्ट में ही एलोपैथी से इलाज कराने के नाम पर जमानत मांग चुका है। तब दिल्ली एम्स की टीम से मिली मेडिकल रिपोर्ट की आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था। अब वह आयुर्वेद से अपना इलाज कराना चाहता है। राज्य सरकार ने तर्क दिया कि सिर्फ इलाज की आड़ में आसाराम अपना स्थान बदलना चाहता है। हाल ही में कोरोना संक्रमित होने के बाद आसाराम ने हाईकोर्ट में भी जमानत याचिका लगाई थी। जोधपुर एम्स के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर आसाराम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

आसाराम ने इलाज में सहयोग नहीं किया

राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि आसाराम ने एम्स के डॉक्टरों के साथ इलाज के लिए बिल्कुल सहयोग नहीं किया। उसने दवा खाने और इंजेक्शन तक लगवाने से मना कर दिया था। एम्स के डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह स्वस्थ पाने के बाद ही डिस्चार्ज किया था। ऐसे में कुछ दिन के बाद उसकी तबीयत कैसे खराब हो सकती है? साथ ही कहा गया कि जोधपुर में किसी भी तरह के इलाज की बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां एम्स भी है और आयुर्वेद विश्वविद्यालय है। आसाराम को सभी तरह की चिकित्सा सुविधा यहीं पर मिल सकती है। ऐसे में उसे जमानत नहीं दी जाए।

आयुर्वेद इलाज करना चहाता है आसाराम

आसाराम की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने तर्क दिया कि आसाराम की उम्र अस्सी वर्ष से अधिक है। उसकी तबीयत भी ठीक नहीं रहती। हाल ही कोरोना होने के बाद तबीयत बिगड़ने पर उसे खून पतला करने की दवा दी गई। इस कारण ब्लीडिंग शुरू हो गई। ऐसे में आसाराम के लिए एम्स का इलाज सही नहीं रहा। खंडपीठ ने लूथरा से पूछा कि वे किस जगह पर आसाराम का इलाज कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकाश दीप इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा में इलाज कराना चाहते हैं। बाद में लूथरा ने राज्य सरकार के तर्कों का जवाब देने का समय मांगा।

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