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कार्रवाई में पुलिस का दोहरा रवैया:भीड़ लेकर पहुंचे छात्रसंघ अध्यक्ष पर पहली बार महामारी एक्ट में केस, विवि में पहले हुए प्रदर्शन पर क्यों आंखें मूंदी?

जोधपुर8 महीने पहले
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12 अक्टूबर - Dainik Bhaskar
12 अक्टूबर
  • सोशल डिस्टेंसिंग पर कार्रवाई में पुलिस का दोहरा रवैया, छात्रों के साथ 7 सूत्री मांगें लेकर पहुंचे थे अध्यक्ष

कुलपति कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान कोविड-19 नियमों की अवहेलना करने पर छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्र सिंह और उनके समर्थकों के खिलाफ शास्त्रीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। जेएनवीयू परिसर में विभिन्न संगठनों की ओर से हर माह किसी न किसी मांग को लेकर प्रदर्शन होते रहते हैं, लेकिन इन सबके बीच यह पहला मामला सामने आया जिसमें पुलिस ने सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करने को लेकर केस दर्ज किया। इससे पहले भी कर्मचारी संघ व एनएसयूआई सहित अन्य संगठनों की ओर से प्रदर्शन हुए थे, लेकिन पुलिस ने किसी प्रकार का केस दर्ज नहीं किया था।

पुलिस के इस दोहरे रवैये को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महामारी अध्यादेश की धाराओं में दर्ज प्रकरण की जांच की जा रही है। थानाधिकारी शेषकरण ने बताया कि जेएनवीयू वीसी कार्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्र सिंह और उसके साथियों ने छात्र हितों की मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था, तब सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं की गई थी।

वहीं छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने कई बार छात्र हितों को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन वहां पर कोई सुनवाई नहीं हुुई। मांग थी कि कांस्टेबल भर्ती को लेकर कई छात्र तैयारी कर रहे हैं, वहीं बीएड व अन्य एग्जाम भी हो रहे हैं। इसको लेकर जेएनवीयू के होने वाले एग्जाम की तिथियों को आगे करने की मांग की थी।
हाल में हुए कई प्रदर्शन, किसी में भी नहीं थी सोशल डिस्टेंसिंग
एनएसयूआई ने शनिवार को जेएनवीयू में प्रदर्शन किया था। 18 सितंबर को कर्मचारियों का प्रदर्शन हुआ था, जिसमें कुलपति को केंद्रीय कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया था। वहीं 13 जुलाई को अनशन व 21 जुलाई को भी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन हुए थे। इन सभी में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं थी और महामारी अधिनियम एक्ट की धज्जियां उड़ी थीं।
पहले प्रदर्शन हुए, तब थाने में मेरी पोस्टिंग नहीं थी

शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, ऐसे में कई छात्रों के मास्क नहीं था, वहीं प्रदर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की पालना भी नहीं की जा रही थी। मांग रखते समय पांच छात्र भी अपनी मांग रख सकते हैं। वहीं जुलाई, अगस्त व सितंबर में हुए प्रदर्शन पर कोई केस दर्ज नहीं हुए, उस समय मेरी पोस्टिंग थाने में नहीं थी। - शेषकरण, थानाधिकारी, शास्त्रीनगर

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