अब पकड़ में आई आरोपी:दूसरे का प्लॉट बेच फरार हुई महिला, परिजन विदेश में बताते रहे, पुलिस ने कोटा से ढूंढ़ निकाला

जोधपुर10 महीने पहले
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आरोपी महिला। - Dainik Bhaskar
आरोपी महिला।
  • 20 अगस्त 2019 को उदयमंदिर थाने में दर्ज हुआ था धोखाधड़ी का केस

किसी और के भूखंड के जाली दस्तावेज तैयार कर अन्य को बेचने के मामले में वांछित एक शातिर महिला पुलिस से बचने को शहर छोड़ गई। परिजन भी उसे बचाने के लिए विदेश में होने का झूठ बोलते रहे, लेकिन पुलिस ने पासपोर्ट रिकॉर्ड खंगाले, तो इसमें उसके देश में कहीं छुपे होने की पुष्टि हुई। लंबी मशक्कत के बाद पुलिस ने उस महिला को कोटा से ढूंढ़ निकाला और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

उदयमंदिर थानाधिकारी राजेश यादव ने बताया कि कागा रोड मेघवाल बस्ती निवासी सुआदेवी मेघवाल ने 20 अगस्त 2019 को केस दर्ज करा बताया कि चौपासनी जागीर के खसरा नंबर 79 में 9 भूखंड हैं। इनमें एक भूखंड संख्या 100 का बेचान 28 जून 2018 को उदयमंदिर तिलक नगर निवासी सन्नी वाल्मीकि को किया था। सन्नी ने भूखंड पर निर्माण शुरू किया, तो मूलतया बालेसर के बस्तवा सुथारों की ढाणी निवासी हवा कंवर ने सन्नी को बताया कि यह भूखंड उन्होंने खरीद रखा है।

सन्नी ने इस बारे में सुआदेवी को बताया, परिवादिया को पता चला कि 30 दिसंबर 2013 को चौहाबो सेक्टर 2ई में रहने वाली शिखा शर्मा ने उस भूखंड के फर्जी आम मुख्त्यारनामा, वसीयतनामा और बेचाननामा निष्पादित करवाकर उसे किशन प्रजापत को बेच दिया व किशनलाल ने हवा कंवर को बेचान कर दिया। पुलिस ने जांच की तो शिखा द्वारा बनवाए दस्तावेज जाली पाए गए।

मां कहती रही विदेश में है

पुलिस को चौहाबो सेक्टर 2ई में रहने वाली उसकी मां सरोज शर्मा बार-बार शिखा के विदेश में होने की बात कहती रही, लेकिन वह कौनसे देश में है, यह नहीं बताया। पुलिस ने पड़ोसियों से भी सुराग जुटाए। पासपोर्ट कार्यालय से भी शिखा की पूरी कुंडली निकलवाई।

इसमें सामने आया कि उसका पासपोर्ट 2006 में बना था जो 27 सितंबर 2016 को एक्सपायर हो गया था। इसी से पुष्टि हो गई कि वह देश में ही है। पुलिस की विशेष टीम को पता चला कि शिखा कोटा की टीचर कॉलोनी में रह रही है। तब शुक्रवार को उसे गिरफ्तार किया। शनिवार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

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