एम्स में प्रदेश की पहली रोबोटिक थॉयराइड कैंसर सर्जरी:गर्दन में थी कैंसर गांठ, ऑपरेशन में लगाए छोटे चीरे, अब स्वस्थ

जोधपुरएक महीने पहले
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44 वर्षीय महिला अभी स्वस्थ है । - Dainik Bhaskar
44 वर्षीय महिला अभी स्वस्थ है ।

एम्स सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में प्रदेश की पहली रोबोटिक थॉयराइड कैंसर सर्जरी हुई। पाली निवासी 44 वर्षीय महिला गर्दन में गांठ की शिकायत लेकर एम्स आई। रिपोर्ट देखने के बाद पता चला कि महिला के थॉयराइड कैंसर की गांठ है। इस पर परिजनों की सहमति के बाद ऑपरेशन किया।

कैंसर सर्जन डॉ. जीवनराम विश्नोई ने बताया कि सामान्यतः ऐसे ऑपरेशन में मरीज के बहुत बड़ा चीरा लगाया जाता है। कितनी भी सावधानी के बाद भी सर्जरी के लम्बे चीरे का निशान गर्दन के ठीक सामने दिखाई देता है, लेकिन रोबोट के माध्यम से किए ऑपरेशन में मरीज के बगल में दो सेमी का छोटा चीरा व आठ एमएम के तीन चीरे लगाए गए। सर्जरी जटिल थी क्योंकि थॉयराइड के पास ही पैरा-थॉयराइड ग्रंथि व बोलने में सहायक नस थी। ऐसे में जरा सी चूक से मरीज का बोलना बंद हो सकता था। ऑपरेशन के बाद अब मरीज स्वस्थ है और उसे छुट्टी दे दी गई है। डॉ. विश्नोई ने बताया कि थॉयराइड कैंसर पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होता है। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में विभिन्न कैंसर के लिए रोबोट तकनीक से 75 से अधिक ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इसमें आहार नली, पेट, आंत, मलाशय, यूटरस (बच्चेदानी), इत्यादि के कैंसर है और अन्य कैंसर के ऑपरेशन दूरबीन से भी किए जाते हैं। इन्होंने किया ऑपरेशन एम्स डायरेक्टर डॉ. संजीव मिश्रा ने निर्देशन में दिल्ली मैक्स अस्पताल के वरिष्ठ रोबोटिक कैंसर सर्जन डॉ. सुरेंद्र डबास के सहयोग से डॉ. जीवनराम विश्नोई व डॉ. धर्माराम पूनिया और डॉ. निवेदिता शर्मा ने ऑपरेशन किया। सीनियर रेजिडेंट डॉ. बिकास गुरुंग, डॉ. राहुल यादव, डॉ. अल्केश, डॉ. अनंत ने सहयोग किया। इसमें एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. प्रदीप कुमार भाटिया, डॉ. तनवी मेश्राम, सीनियर रेजिडेंट डॉ. लवप्रिया शर्मा, डॉ. पावना व नर्सिंग स्टाफ में संतोष, पितांबर, जगदीश शामिल थे।

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