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जानिए कैसे लोगों की मदद करते हैं सोनू सूद:सिर्फ एक ट्वीट पर एक्टिव हो जाती है टीम, मदद से पहले पीड़ित की इनकम की पूरी डिटेल जुटाते हैं; घर पर लगता है जनता दरबार

जोधपुर2 महीने पहले

कोविड महामारी में जरूरतमंदों की सहायता के लिए सोनू सूद सबसे आगे खड़े रहे। सभी ने देखा उन्होंने कैसे देश के कोने-कोने में लोगों के लिए मदद पहुंचाई। जो अब भी जारी है। भास्कर ने भी जाना आखिर सोनू की टीम काम कैसे करती है। टीम में कितने लोग हैं। कैसे वे लोगों तक पहुंचते हैं। ऐसे ही कुछ सवाल के जवाब सोनू सूद फाउंडेशन के राजस्थान प्रतिनिधि हितेश जैन ने दिए।

हितेश बताते है कि सोनू सूद फाउंडेशन सोशल मीडिया के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचता है। ट्विटर पर लोग ट्वीट करते हैं, लेकिन उसकी सत्यता जानना जरूरी होता है। वॉलिंटियर्स ट्वीट करने वालों के पास पहुंचते हैं। पूरी जानकारी लेते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति, उनके इनकम टैक्स की डिटेल, इनकम स्लिप आदि की जानकारी ली जाती है।

कोरोना की पहली लहर में फाउंडेशन ने जरूरतमंदों को घर पहुंचाने का काम ही काम किया था, लेकिन दूसरी लहर में जरूरतमंदों को दवाइयां पहुंचाना शुरू किया। जैन ने बताया कि जैसे-जैसे लोगों को मालूम हुआ, लोग ज्यादा से ज्यादा ट्वीट करने लगे। उनको दवाइयां पहुंचाने का सिलसिला शुरू हुआ।

परिवार के लोग ही टीम में हुए शामिल
मदद का दायरा बढ़ता देख सोनू सूद की बहन, जीजा और दोस्त भी आगे आए। सभी ने मिलकर टीम बनाई। उनकी टीम में कुल आठ लोग हैं, जो सभी राज्यों में काम करते है। धीरे-धीरे अब कुछ वॉलियंटर जुड़ रहे हैं। हितेश ने बताया कि उनकी सोनू सूद से मित्रता लंबे समय से थी। ऐसे में उनको राजस्थान का कार्यभार दिया गया। उन्होंने बताया कि सोनू का ट्विटर हैंडल वही यूज करते हैं। एक दिन में एक हजार से ऊपर मैसेज आते हैं। उसमें से सबसे बात कर पूरी जानकारी ली जाती है।

सोनू सूद के घर पहुंचते हैं लोग।
सोनू सूद के घर पहुंचते हैं लोग।

राजस्थान में पहला केस गंगानगर से
हितेश ने बताया कि राजस्थान में कोविड की दूसरी लहर में सहायता का काम शुरू हुआ था। सबसे पहला केस गंगानगर का था। पीड़ित को ब्लैक फंगस की दवाइयां चाहिए थी। कनाडा से उसकी बहन ने ट्वीट किया और बाई रोड दिल्ली जाकर दवाइयां लाकर हमने समय पर पहुंचाई। उसके बाद मेडिकल हेल्प का सिलसिला चल पडा। हितेश ने बताया कि अब तक राजस्थान से कुल 16 बच्चों को हैदराबाद, मुंबई इलाज के लिए भेज चुके है।

लगता है जनता दरबार
मुंबई में सोनू सूद के घर पर हर दिन शाम पांच से छह बजे तक जनता दरबार लगता है। वहां जरूरतमंद पहुंचते हैं। सोनू उनसे मिलते है। हितेश ने बताया कि जब वे मुंबई होते है तो सूद के साथ उस समय वहां मौजूद रहते हैं।

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