बारिश से भरा तलाब 4 दिन में ही खाली:लोग हैरान आखिर ऐसा कैसे हुआ, एक्सपर्ट बोले- खुदाई के कारण इस पर जमी मिट्‌टी की परत हट गई

तिंवरी(जोधपुर)11 दिन पहले
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जोधपुर जिले के तिंवरी कस्बे में जमीन में समाता तालाब का पानी। - Dainik Bhaskar
जोधपुर जिले के तिंवरी कस्बे में जमीन में समाता तालाब का पानी।

जोधपुर जिले के तिंवरी कस्बे में स्थित एक तालाब इन दिनों लोगों के बीच कौतुहल का विषय बना हुआ है। मानसूनी बारिश से लबालब हो चुका यह तालाब चार दिन में पूरी तरह से खाली हो चुका है। ग्रामीण भी हैरत में है कि आखिरकार ऐसा कैसे हो गया। वहीं भूगर्भ विशेषज्ञों का कहना है कि तालाब के जिर्णोद्धार के लिए की गई खुदाई के कारण इस पर जमी मिट्‌टी की परत हट गई। ऐसे में पानी भूगर्भ में समा गया।

तिंवरी कस्बे में खोखरी माता मंदिर के पास स्थित प्राचीन तालाब जिसका हाल ही में ग्रामीणों ने समस्त महाजन संस्था के सहयोग से जीर्णोद्धार किया था। करीब दस बीघा क्षेत्र में फैला यह तालाब सितम्बर माह में हुई बारिश से पूरा भर गया था। देव झुलनी ग्यारस ओर गणपति विसर्जन के दिन सभी ग्रामवासी तालाब पर गए थे। ये तालाब भरा हुआ था। चार दिन पूर्व मंदिर में जा रहे श्रद्धालुओं ने तालाब में पानी कम देखा तो गांव में आकर लोगों को बताया। बुधवार तक तालाब आधे से ज्यादा सूख गया। तिंवरी सरपंच अचलसिंह गहलोत सहित अनेक ग्रामीण तालाब पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि तालाब में एक तरफ करीब दस फीट व्यास का एक गड्‌ढा बना हुआ है। सारा पानी इसमें तेजी से समा रहा है।

भूगर्भ वैज्ञानिक ओमप्रकाश पूनिया का कहना है कि तालाब में जिर्णोद्धार कार्य के दौरान इसके पैंदे पर बरसों से जमी चिकनी मिट्‌टी की परत को नुकसान पहुंचा। यह चिकनी मिट्‌टी तालाब के पानी को रोके रखती है। इस मिट्‌टी की परत हट जाने से पानी भूगर्भ में जा रहा है।

रिपोर्ट व फोटो: जेठमल जैन, तिंवरी

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