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नहर चौराहा:अतिक्रमण ना हटने तक पुरानी ट्रैफिक व्यवस्था ही सही, सिग्नल से दुर्घटनाओं का अंदेशा

जोधपुर3 महीने पहले
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  • एम्स रोड; 100 फीट चौड़ी, पाल रोड के मुहाने 50-60 फीट चौड़े रह गए
  • नहर रोड; एक तरफ पीएचईडी का ऑफिस दूसरी तरफ नहर से सड़क सिकुड़ी
  • ट्रैफिक लोड; पीक अ‌वर्स में 4527 पीसीयू, 135 बसों एवं 60-65 सिटी बसों का आवागमन

पाल रोड पर हाउसिंग बोर्ड थाने के निकट नहर चौराहा पर ट्रैफिक सिग्नल यहां से गुजरने वाले वाहनाें के साथ-साथ खुद ट्रैफिक पुलिस के लिए जी का जंजाल बन गई है। ट्रैफिक पुलिस ने भी व्यवस्था शुरू करने के पहले सोचा था कि इससे ट्रैफिक सुगम होगा। बिना प्रयोग शुरू की गई सिग्नल व्यवस्था अब ट्रैफिक पुलिस के लिए भी सिरदर्द बन चुकी है।

इसका सीधा असर पीक अवर्स में नजर आता है, जब खुद ट्रैफिक पुलिस कुछ घंटों के लिए सिग्नल लाइट को बंद करती हैं। इसके बावजूद भी सुबह व शाम (पीक अवर्स) को दो-दो घंटे तक सिग्नल लाइट पर ट्रैफिक जाम की स्थिति रहने से वाहन चालकाें को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। भास्कर ने रोजाना यहां से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों एवं एम्स सहित आस-पास के करीब 12 हॉस्पिटल्स में आने-जाने वाली एंबुलेंस की परेशानी को समझा।

भास्कर टीम सिग्नल के समाधान के लिए एक्सपर्ट को लेकर मौके पर पहुंची। विशेषज्ञ ने वस्तुस्थिति को बारीकी से देखा। एक्सपर्ट राय दी कि जब तक एम्स व नहर रोड के मुहाने को अतिक्रमण मुक्त नहीं करवाया जाता, तब तक पुरानी ट्रैफिक व्यवस्था ही बेहतर विकल्प है। सिग्नल व्यवस्था को स्थगित रखें तो ट्रैफिक फिर सुगम हो सकता है।

भास्कर ने एक्सपर्ट से इस व्यवस्था के बाद और पहले के असर को उनकी नजर से देखा। हालांकि सिग्नल लाइट की व्यवस्था को एक्सपर्ट ने भी पूरे सिरे से नहीं नकारा, लेकिन वर्तमान में सड़क की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूर्व की व्यवस्था को ही बेहतर माना। इसके पीछे उन्होंने कई तर्क गिनाए।

उनका मानना था कि सड़क की वर्तमान चौड़ाई सिग्नल लाइट के अनुकूल नहीं है, क्योंकि मुख्य सड़क (पाल रोड) के ट्रैफिक के साथ-साथ एम्स व नहर रोड का ट्रैफिक भी पीक अवर्स में ज्यादा रहता है। इससे जाम की स्थिति बने रहने की पूरी संभावना रहती है। इधर, एसीपी (ट्रैफिक) रविंद्र बोथरा ने बताया कि वे भी ट्रैफिक कैसे सुगम हो सकता है, इस पर नजर रखे हुए हैं।
70 कॉलोनी, 10 हॉस्पिटल, नेशनल हाईवे का आवागमन इस रोड पर

पाल रोड पर पीक अवर्स में 4,527 पीसीयू (प्रति कार यूनिट) का ट्रैफिक दबाव रहता है। इसके अलावा रोजाना बाड़मेर, सिवाना, कल्याणपुर व धुंधाड़ा जाने वाली 135 निजी बसों के अलावा इस रूट पर चलने वाली 60-65 सिटी बसों के अलावा ऑटोरिक्शा व भारी वाहनों की रेलमपेल रहने से पीक अ‌वर्स के अलावा भी ज्यादा ट्रैफिक रहता है।

इसके अलावा एम्स में उपचार के लिए जैसलमेर व बाड़मेर सहित अन्य शहरों के लोग भी इसी रास्ते से आते-जाते हैं। 60 से 70 कॉलोनियों के लोग भी पाल रोड व एम्स रोड का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इस रोड पर ट्रैफिक जाम की स्थिति स्वाभाविक है।

एम्स से फिल्टर हाउस सड़क, जवाई नहर की भूमि मिले तो 160 फीट तक चौड़ी हो सकती है

चौपासनी फिल्टर हाउस से अणदाराम स्कूल, पाल रोड, एम्स होते हुए बासनी तक की रोड का मास्टर प्लान में मार्गाधिकार 100 फीट का है। लेकिन यह सड़क पाल रोड के मुहाने तक पहुंचते-पहुंचते 60 से 70 चौड़ी रह जाती है। हालांकि जवाई नहर व उसके निरीक्षण के लिए छोड़ी जमीन को भी सड़क में शामिल करे तो यह सड़क 160 फीट चौड़ी हाे सकती है।

लेकिन रॉ-वाटर की लाइन व एक तरफ दुकानों व अन्य निर्माण से यह सिकुड़ गई है। हाउसिंग बोर्ड के निकट नहर रोड वाली सड़क का भी यही हाल है। यह सड़क पाल रोड के मुहाने तक पहुंचते एक तरफ नहर का हिस्सा तो दूसरी तरफ जलदाय विभाग का पुराना कार्यालय और अन्य निर्माण सड़क की चौड़ाई में बाधक बने हुए हैं।

पाल रोड 200 फीट चौड़ी, मौके पर 150-160 फीट
पाल रोड मास्टर प्लान में 200 फीट चौड़ी दर्शाई हुई है। जेडीए ने निगम के साथ मिलकर 12 साल पहले इस सड़क को चौड़ा करने का अभियान चलाया था। तब यह सड़क 80 से 90 फीट चौड़ी ही थी। इसे 150 फीट चौड़ी की गई, लेकिन इसके बाद दुकानदारों के अस्थायी अतिक्रमण, फुटपाथ पर अवैध कब्जे और बेतरतीब बिजली पोल व पाइप लाइनों के कारण सड़क फिर से सिकुड़ने लगी है। लोगों ने फुटपाथ पर वाहनों की पार्किंग व लोहे की जालियां लगाकर कब्जा कर रखा है।

पाल रोड 200 फीट चौड़ी, मौके पर 150-160 फीट
पाल रोड मास्टर प्लान में 200 फीट चौड़ी दर्शाई हुई है। जेडीए ने निगम के साथ मिलकर 12 साल पहले इस सड़क को चौड़ा करने का अभियान चलाया था। तब यह सड़क 80 से 90 फीट चौड़ी ही थी। इसे 150 फीट चौड़ी की गई, लेकिन इसके बाद दुकानदारों के अस्थायी अतिक्रमण, फुटपाथ पर अवैध कब्जे और बेतरतीब बिजली पोल व पाइप लाइनों के कारण सड़क फिर से सिकुड़ने लगी है। लोगों ने फुटपाथ पर वाहनों की पार्किंग व लोहे की जालियां लगाकर कब्जा कर रखा है। ​​​​​​​
फिलहाल समाधान; पूर्व की व्यवस्था बहाल हो, कुछ सुगम होगा ट्रैफिक
एक्सपर्ट की मानें तो पेट्रोल पंप के सामने व चौहाबो पुलिस थाने के सामने डिवाइडर के कट से यू-टर्न करने के दौरान मुख्य पाल रोड का ट्रैफिक जरूर प्रभावित होता है, लेकिन इसका असर कुछ समय के लिए ही है। पीक अवर्स को छोड़कर शेष टाइमिंग यू-टर्न में वाहन चालकों को दिक्कत नहीं आती थी। इसके साथ ही मुख्य सड़क का ट्रैफिक भी सिग्नल लाइट जितना प्रभावित नहीं होता था। ऐसे में फिलहाल पुरानी ट्रैफिक व्यवस्था को ही बहाल करें तो थोड़ा ट्रैफिक सुगम हो सकता है। इसमें ट्रैफिक पुलिस के जवानों को भी मुस्तैद रखें, ताकि बेतरतीब ट्रैफिक में घुसने वाले वाहन चालकों को रोका जा सके।​​​​​​​

भास्कर एक्सपर्ट​​​​​​​

1.घनश्याम पंवार, रिटार्यड एक्सईएन, जेडीए 2.राकेश शर्मा, रिटार्यड एक्सईएन, जेडीए

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