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आसाराम की तबीयत बिगड़ी:यूरिन इंफेक्शन बढ़ा, डॉक्टरों को उम्मीद है कि वे इसे कर लेंगे नियंत्रित, सीमित समर्थकों को भी मुलाकात की दी गई छूट

जोधपुर3 महीने पहले
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आसाराम। - Dainik Bhaskar
आसाराम।

जोधपुर एम्स में भर्ती आसाराम की तबीयत बिगड़ गई है। उसका यूरिन इंफेक्शन बहुत अधिक बढ़ने के साथ कुछ अन्य दिक्कतें बढ़ गई है। हालांकि डॉक्टरों को उम्मीद है कि वे इसे नियंत्रित कर लेंगे। दूसरी तरफ आयुर्वेद की दवा लेने का इच्छुक आसाराम डॉक्टरों को सहयोग नहीं कर रहा है। वह कई बार दवा लेने व जांच तक कराने से मना कर रहा है। लंबी समझाइश के बाद उसे इलाज लेने के लिए तैयार किया जा सका।

आसाराम को कल सुबह जोधपुर जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था। एम्स की तरफ से कहा गया कि आज उसके स्वास्थ्य को लेकर मेडिकल बुलेटिन जारी किया जाएगा। लेकिन बाद में उन्होंने इसे स्थगित कर दिया। एम्स में आज आसाराम के समर्थकों को बारी-बारी से उससे मिलने दिया गया। हालांकि इनकी संख्या सीमित ही रखी गई।

शरीर के अन्य तंत्र भी प्रभावित

आसाराम का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि उसका यूरिन इंफेक्शन काफी बढ़ गया है। आसाराम को प्रोस्टेट की समस्या काफी समय से है। इंफेक्शन बढ़ने से शरीर के अन्य तंत्र भी प्रभावित हुए है। हालांकि आज उसकी ऑक्सीजन को हटा दिया गया। वह रूम एयर पर सांस ले रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि वे तीन दिन दिन में उसके इंफेक्शन को नियंत्रित कर लेंगे।

सबसे बड़ी दिक्कत आसाराम के असहयोेगी रवैये को लेकर आ रही है। वह बार-बार दवा लेने व जांच कराने से मना कर रहा है। हर बार उसे समझाना पड़ रहा है। समझाइश के लंबे दौर के बाद वह जांच व दवा लेने को तैयार हो रहा है।

कोरोना संक्रमित भी हो चुका है आसाराम

गत माह के पहले सप्ताह में आसाराम कोरोना संक्रमित पाया गया था. इसके बाद उसे पहले महात्मा गांधी व बाद में एम्स में भर्ती करवा कर इलाज कराया गया। इस दौरान उसने हाईकोर्ट में अपनी बीमारी का इलाज आयुर्वेद्ध पद्धति से कराने के लिए जमानत याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट के आदेश पर एम्स के मेडिकल बोर्ड ने उसकी मेडिकल रिपोर्ट पेश की। इसके आधार पर उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। हाईकोर्ट के इस आदेश को आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में उसे जमानत देने का यह कहते हुए विरोध किया कि जोधपुर में एम्स के अलावा आयुर्वेद यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान है। ऐसे में स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है और उसे जमानत नहीं दी जाए। आसाराम की तरफ से कल उसका वकील सुप्रीम कोर्ट में पेश नहीं हो पाए। ऐसे में सुनवाई 18 जून तक टल गई है।

उल्लेखनीय है कि आसाराम पर वर्ष 2013 में उसके गुरुकुल की एक नाबालिग छात्रा ने जोधपुर में यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। इसके बाद से वह जोधपुर जेल में बंद है। अप्रैल 2018 में ट्रायल कोर्ट ने उसे मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई थी। वर्ष 2013 में पकड़े जाने के बाद से आसाराम 15 बार जमानत हासिल करने का प्रयास कर चुका है। लेकिन हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक से उसे किसी कोर्ट से जमानत तक नहीं मिली।

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