पढ़ाई का जज्‍बा:सुबह लिए फेरे, दोपहर में दी परीक्षा, फिर हुई विदाई

जोधपुरएक महीने पहलेलेखक: रविंद्र शर्मा
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परीक्षा देते हुए नवविवाहिता। - Dainik Bhaskar
परीक्षा देते हुए नवविवाहिता।

चौपासनी हाउसिंग बोर्ड प्रथम पुलिया रहने वाले चूनाराम की बेटी प्रेमी के लिए गुरुवार को दो परीक्षाएं थी और दोनों में सफल हुई। पढ़ाई से प्रेम करने वाली प्रेमी की गुरुवार को शादी थी और राजस्थान स्टेट ओपन बोर्ड दसवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा भी। अब किसे चुने। यह सबके लिए दुविधा था, लेकिन प्रेमी ने कहा, कि वो दोनों को चुनेगी।

सुबह नौ से बारह बजे तक बालोतरा से बारात लेकर आए भीमजी के साथ फेरे लिए और बाइक पर अपने भाई के साथ चौपासनी हाउसिंग बोर्ड प्रथम पुलिया स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिवांचीगेट में दुल्हन के वेश में ही परीक्षा देने आई। दोपहर एक से शाम चार बजे तक परीक्षा दी। इसके बाद शाम को उसकी विदाई की रस्म निभाई गई।

प्रेमी की बारात बुधवार शाम को आई थी, लेकिन फेरो का शुभ मुहूर्त गुरुवार को सुबह नौ बजे होने से रात में बंदौली की रस्म निभाई और पढ़ाई करके दूसरे दिन परीक्षा देने आ गई। प्रेमी बताती है कि उनके पति प्राइवेट जॉब करते है और वो बाबा भीमराव अंबेडकर से इतनी प्रेरित है कि उनकी तरह बड़ा व्यक्ति बनना चाहती है। इसलिए पढ़ाई कर रही है। यही नहीं प्रेमी ने शादी में एक शर्त भी रखी कि उसके फेरे भगवान की तस्वीर के अलावा बाबा साहेब की तस्वीर के आगे होने चाहिए। परिजनों ने उसकी यह मांग भी पूरी की।

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