बीच सड़क पर हिस्ट्रीशीटर का एनकाउंटर:सीने और हाथ में लगी गोलियां, सामने से 4 फायर हुए तो पुलिस ने भी 8 राउंड चलाए

जोधपुर3 महीने पहले
हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा। (फाइल फोटो)

जोधपुर में 13 अक्टूबर की शाम पहली बार किसी हिस्ट्रीशीटर का एनकाउंटर बीच सड़क पर हुआ। गुरुवार सुबह भी मामले की चर्चा जोधपुर में बनी रही। रातानाडा पुलिस ने बुधवार शाम हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा को पीछा करते हुए जवाबी फायरिंग में मार गिराया था। जांच में सामने आया कि हिस्ट्रीशीटर ने कुल 4 फायर किए। पुलिस ने जवाब में 8 राउंड फायरिंग की। गोलियां लवली की पसलियों, सीने और हाथ पर लगी। इधर, कुछ लोग इस एनकाउंटर का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह हत्या है।

दरअसल, उदयमंदिर निवासी लवली कंडारा हिस्ट्रीशीटर मोंटू कंडारा का चचेरा भाई है। लवली कंडारा नागौरी गेट थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, अवैध हथियार के 12 मामले दर्ज हैं। उसका भाई मोंटू कंडारा भी हिस्ट्रीशीटर है। राम मोहल्ला में एक युवक पर जानलेवा हमले के मामले में दोनों भाई फरार थे। रातानाडा थाना पुलिस को भी जानलेवा हमले के एक मामले में लवली की तलाश थी। करीब दस दिन पहले लवली कंडारा ने जेडीए सर्कल पर किसी पर तलवार से हमला किया था।

रातानाडा पुलिस अधिकारी लीलाराम मेघवाल को लवली की सूचना मिली थी। पुलिस ने उसे पकड़ने का प्लान बनाया। पुलिस निजी कार से ही पकड़ने निकल गई। कार सवार बदमाशों को रोकने के लिए पुलिस ने नाकाबंदी भी कराई। बदमाश नाकाबंदी को तोड़ते हुए कार भगाते रहे। पुलिस ने डंडों से कार के शीशे पर वार किए। ताकि चालक को सड़क नजर न आए तो रुक सके, लेकिन बदमाशों की कार नहीं रुकी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हिस्ट्रीशीटर मारा गया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हिस्ट्रीशीटर मारा गया।

सरेआम फायर करने पर पुलिस का सब्र टूटा
बदमाश को पकड़ने के लिए पुलिस गाड़ी से पीछा करने लगी। इस दौरान कंडारा फायर कर भागा। तेज गाड़ी दौड़ाते हुए बाइक सवार काे चपेट में लिया। फिर पुलिस की गाड़ी पर फायरिंग की। गोली थानाधिकारी लीलाराम की कार पर लगी। इस पर पुलिस ने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी और कुल 8 राउंड फायर किए।

अब तक पांव में गोली मार कर ही पकड़े थे बदमाश
एनकाउंटर में किसी बदमाश की मृत्यु का जोधपुर में यह पहला मामला है। पुलिस ने 007 गैंग के गुर्गे और टोल नाके पर फायरिंग के एक आरोपी को फायरिंग के जवाब में पांव में गोली मारकर पकड़ा था। वहीं, सर्किट हाउस के सामने रेस्टोरेंट में अंधाधुंध फायरिंग कर भागे युवक को भी पुलिस ने बनाइ क्षेत्र में गोली मारकर पकड़ा था।

परिजन बोले- गोली चलाने की क्या जरुरत पड़ी
लवली के चाचा का कहना है कि लवली का ऐसा कोई अपराध नहीं था कि उस पर गोली चलाई जाए। पुलिस के लिए वह अपराधी होगा, लेकिन परिजन उसे दोषी नहीं मानते। पुलिस उसे कार पर गोली मारकर पकड़ सकती थी। समाज के नेता चन्द्रप्रकाश टायसन का कहना है कि छोटे-मोटे अपराध चलते रहते हैं। पुलिस चाहती तो उसे जिंदा पकड़ सकती थी। इधर, समाज के लोग आज भी अस्पताल में जुट रहे हैं।

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