60 दिन की नहरबंदी के अंतिम दिन चुनौती पूर्ण:10 दिन का वॉटर स्टॉक, 26 तक पंजाब से जोधपुर पहुंच जाएगा पानी

जाेधपुर7 महीने पहले

भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के चलते जोधपुर में प्रति व्यक्ति पानी की खपत बढ गई है। इधर नहरबंदी के अंतिम दिन चल रहे है। गर्मी के चलते पानी भी जलाशयों से भाप बनकर उड़ जाता है। जितना पानी का स्टोर बचा है उसे संभल कर खर्च किया जाए तो पंजाब से जोधपुर पानी आने तक का समय बिना संकट के कट जाएगा। जोधपुर में खपत के अनुसार 10 दिन का पानी शेष है। 21 या 22 मई तक पंजाब से पानी छोड़ने की संभावना है। तब तक बचे स्टॉक को संभल कर खर्च नहीं किया तो शहर वासियों के लिए स्थिति विकट हो सकती है।

हालांकि सीटी एससी पीएचईडी जगदीश चंद्र व्यास का कहना है कि कायलाना, तखतसागर के अलावा सुरपुरा में भी पानी का स्टोरेज है। पानी का यह स्टॉक 15 दिन निकाल लेगा। उन्होंने बताया कि कल तक इंदिरा गांधी मुख्य नहर की पोडिंग से पानी की सप्लाई होगी और अगले दो दिन यानी 18 व 19 तक राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल में पोंड किए पानी जोधपुर पहुंचेगा। नहर बंदी के अंतिम दिनों में हर वर्ष जोधपुर में इतना पानी का स्टॉक ही बचता है। ऐसे में संकट जैसी स्थिति नहीं है। लेकिन गर्मी को देखते हुए पानी के व्यर्थ खर्च का रोकना जरुरी है।

293 MCFT पानी का स्टॉक
जोधपुर की प्सास बुझाने वाले कायलाना व तख्तसागर में 293 MCFT पानी का स्टॉक है। इसमें से पीने योग्य 175 MCFT पानी है, पीछे 117 MCFT डेड स्टोरेज में रहेगा। इतना पानी 10 से 12 दिन चलेगा। हालांकि 21 को पंजाब से पानी छोड़ने की उम्मीद है और पंजाब से जोधपुर पानी पहुंचने में 5 दिन का समय लगेगा। ऐसे में इन पांच दिनों में जोधपुर के जलाशयों को कहीं से पानी नहीं मिलेगा। पंजाब से जोधपुर तक पानी 25 से 26 के बीच तक पहुंचने की उम्मीद है। तब तक का समय शहर की प्यास बुझाने वाले कायलाना तखतसागर व सूरपूरा में स्टोर किया गए पानी के भरोसे चलना होगा।

एक शटडाउन और होने की उम्मीद
60 दिन की नहरबंदी के अंतिम दिनों में एक शटडाउन और किया जा सकता है। जल संकट की स्थिति ना बने इसके लिए जलदाय विभाग में लगातार मीटिंग संचालित हो रही है। मीटिंग में भी कई इंजीनियर ने दो शटडाउन का प्रस्ताव रखा लेकिन एक शटडाउन पर सहमति बनी है। चीफ इंजीनियर नीरज माथुर ने बताया कि जोधपुर में पानी का लेवल बना है।