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60 दिन बाद जोधपुर को मिला पीने का पानी:इंदिरा गांधी मुख्य नहर में मेंटेनेंस के चलते 5 माह में लिए 15 शटडाउन, जलदाय विभाग बना रहा है रणनीति

जोधपुर9 दिन पहले
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कायलाना झील में आया पानी। - Dainik Bhaskar
कायलाना झील में आया पानी।

जोधपुर के जलाशयों में पानी की आवक के साथ ही जलदाय विभाग के साथ शहरवासियों ने भी राहत की सांस ली। फिलहाल शहर को शटडाउन से राहत तो नहीं मिलेगी। वहीं, इंदिरा गांधी मुख्य नहर में मेंटेनेंस व रखरखाव के कार्य के चलते 60 दिन के क्लोजर के बाद रविवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे कायलाना झील में राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल के माध्यम से पीने का पानी पहुंचा। इस दौरान पीएचईडी के अधिकारियों ने नारियल फोड़कर आरती उतारकर पूजा की। इधर शहरवासियों को भी पीने के पानी की पर्याप्त स्टॉक होने से राहत मिली।

शहरवासियों का कहना है कि इस बार व्यवस्था सही होने से ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। हालांकि वर्तमान में कायलाना व तख्त सागर में सात दिन का पानी स्टोरेज है। समय पर पानी पहुंचने से लोगों को जरूरत के मुताबिक पीने के पानी की सप्लाई हो सकेगी।

ग्रामीण क्षेत्र में हफ्ते में चार शटडाउन

जलदाय विभाग ने क्लोजर के दौरान पानी का स्टॉक रखने के लिए लिए 21 जनवरी को पहला शटडाउन किया था। सोमवार तक विभाग 15 शटडाउन ले चुका है। इंदिरा गांधी मुख्य नहर में रखरखाव के चलते जोधपुर में अगले दो वर्ष और सत्तर दिन का क्लोजर आना है। ऐसे में अभी से लेवल मेंटेन करने के लिए विभाग शटडाउन करेगा। अब किए जाने वाले शटडाउन दस दिन की जगह 15 से 20 दिन के अंतराल में हो सकता है।

वहीं, इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में हर हफ्ते शटडाउन लिए जा रहे थे। यानी एक माह में चार शटडाउन थे, लेकिन अब पानी की आवक आने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में भी शटडाउन के अंतराल को बढाया जाएगा।

बढ़ने लगा लेवल

पानी की आवक के साथ ही कायलाना और तख्तसागर में पानी का लेवल बढ़ने लगा है। क्लोजर के दौरान जलाशयों के लेवल डाउन हो गए थे और विभाग सप्लाई के लिए स्टोरेज यूज कर रहा था। रविवार शाम तक तखतसागर और कायलाना में 198.35 एमसीएफटी पानी का स्टोरेज था। सूरपूरा में 60 एमसीएफटी पानी का स्टोरेज है।

आगामी क्लोजर से निपटने के लिए 15 करोड़ की योजना

इंदिरा गांधी मुख्य नहर में मेंटेनेंस के लिए आने वाले वर्षों में भी 60 से 70 दिन का क्लोजर फिर से लिया जाएगा। ऐसे में शहर में पानी की कमी ना हो इसके लिए 15 करोड़ की योजना तैयार की जा रही है। इस योजना के तहत जोधपुर शहर में ट्यूबवेल खुदवाए जाएंगे।

वर्तमान में जोधपुर में 2847 हैंडपंप है। इसके अलावा एयरलिफ्ट पंप 323 है सिंगल फेज बोरवेल 814 है। साथ ही 26 खुले कुएं और ट्यूबवेल 119 है। जिसका पानी भी शहरवासियों के उपयोग में आता है।

पीएचईडी के एसई सिटी हिमांशु गोयल ने बताया कि 60 दिनों के क्लोजर के बाद पानी की आवक शुरु हो गई है। आगामी क्लोजर से निपटने के लिए योजना बना दी गई है। शनिवार को जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह ने मीटिंग लेकर आगामी योजनाओं पर चर्चा की। शहर में 15कराोड़ की लागत से ट्यूबवेल खुदवाएं जाएंगे।

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