नन्हें फरिश्ते अभियान:घर वालों ने डांटा तो दिल्ली से ट्रेन में सवार होकर जोधपुर पहुंच गई दो नाबालिग

जोधपुर16 दिन पहले
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जोधपुर रेलवे स्टेशन। - Dainik Bhaskar
जोधपुर रेलवे स्टेशन।

दिल्ली में परिजनों के किसी बात पर नाराज होकर डांट लगाने पर दो बहनें नाराज होकर घर छोड़ कर रवाना हो गई। वे एक ट्रेन में सवार होकर जोधपुर पहुंच गई। जोधपुर आकर वे घबरा गई। उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा था कि किधर जाना है। डरी-सहमी दोनों नाबालिग प्लेटफार्म पर एक कोने में बैठ गई। रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने उन्हें देख लिया। उनसे पूछताछ के बाद मामले का खुलासा हुआ। अब दोनों बहनों को चाइल्ड हैल्प लाइन को सौंपा गया है ताकि दोनों को सकुशल वापस घर पहुंचाया जा सके।

रेलवे सुरक्षा बल जोधपुर के वरिष्ठ मंडल आयुक्त अनुराग मीणा ने बताया कि घर से भागे या किसी कारणवश बिछुड़ गए बच्चों को वापस अपने घर पहुंचाने के लिए नन्हें फरिश्ते नाम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कल शाम जोधपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर दो पर लिफ्ट के निकट एक कोने में डरी सहमी दो नाबालिग बच्चियों को बैठे देखा। इस पर एक महिला कर्मचारी ने दोनों के पास काफी देर बैठ उनका विश्वास जीता। फिर कार्यालय में लाया गया। यहां पूछताछ में सामने आया कि दोनों को उनके घरवालों ने किसी बात पर नाराज होकर डांटा था। इससे नाराज होकर दोनों दिल्ली से अपना घर छोड़ कर निकल गई। वहां रेलवे स्टेशन पर आकर वे एक ट्रेन में सवार हो गई। यह ट्रेन जोधपुर आ रही थी। ऐसे में दोनों यहां पहुंच गई। अब उन्हें नहीं मालूम कि कहां जाना है। रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने दोनों को खाना खिलाया। इसके बाद चाइल्ड हैल्प लाइन की टीम को बुलाकर उन्हें सौंप दिया गया। ताकि दोनों को उनके परिजनों से मिलाया जा सके।