हाईकोर्ट में बोला पति-मेरी पत्नी को बेच दिया:परिजन साथ लेकर गए थे, तीसरे व्यक्ति को बेच दिया

जोधपुर2 महीने पहले
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डेमो फाेटो। - Dainik Bhaskar
डेमो फाेटो।

अहमदाबाद में रहने वाले एक युवक ने पत्नी के परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए। हाईकोर्ट में बोला कि उन्होंने मेरी पत्नी को तीसरे व्यक्ति को बेच दिया है। हाईकोर्ट के निर्देश पर कोर्ट रूम में पेश की गई पत्नी ने भी स्वीकार किया कि वह और याचिकाकर्ता युवक पति-पत्नी हैं, उसे तीसरे व्यक्ति को बेचा गया है।

इस संबंध में पत्नी ने पुलिस को बयान भी दिए। लेकिन बयान ठीक से रिकॉर्ड नहीं किए गए। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया। फिलहाल पति पत्नी को एक साथ घर भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पत्नी के बयान रिकॉर्ड करने व आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

24 साल का युवक मूलरुप से जसवंतपुरा (जालोर) का निवासी है, वर्तमान में गुजरात के अहमदाबाद में रहता है। उसने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर अपनी पत्नी के बेचे जाने और अवैध रूप से बंधक बनाने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर युवती को कोर्ट में पेश किया गया। खंडपीठ ने बंद कमरे में युवती से बातचीत की तो उसने बताया कि वह बालिग है। उसकी याचिकाकर्ता युवक से 17 सितंबर 2021 को शादी हुई थी। उसके परिजन उसे युवक के पास से लेकर चले गए। युवती ने आरोप लगाया कि कांटोल के व्यक्ति को परिजनों ने उसे बेच दिया। पत्नी ने कोर्ट के समक्ष इस आरोप की पुष्टि की। युवती का कहना है कि इस बारे में उसने पुलिस अधिकारियों को कॉल किया था, लेकिन उसके बयान ठीक से रिकॉर्ड नहीं किए, इसलिए तथ्यों को सही रूप से नहीं बता सकी।

कोर्ट में मौजूद एसएचओ मनीष सोनी ने कहा था कि इन आरोपों की जांच एक हैड कॉन्स्टेबल के माध्यम से की गई थी और उन्होंने याचिकाकर्ता या कॉरपस के बयान को दर्ज करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। युवती अपनी मर्जी से अपने माता-पिता के घर रह रही थी और जांच निष्पक्ष रूप से की गई है।

‘संज्ञेय अपराध सामने आने पर उचित कार्रवाई करें’
कोर्ट ने एसएचओ के इस बयान को सही नहीं माना। कोर्ट ने कहा- तथ्य यह है कि याचिकाकर्ता से विवाहित होने के बावजूद युवती को किसी तीसरे व्यक्ति को बेच दिया गया था, उचित जांच शुरू करने के लिए यह कारण पर्याप्त था, लेकिन एसएचओ कानून के अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहा। युवती को उसकी इच्छानुसार याचिकाकर्ता के साथ जाने की अनुमति है। एसपी पुलिस सुरक्षा में इन्हें घर तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। एसएचओ युवती के पूरे बयान रिकॉर्ड करें। अगर वहां से संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है तो उचित कार्रवाई की जाए।