अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस:महिलाओं ने सुरक्षा को लेकर किया प्रदर्शन उत्पीड़न के खिलाफ एकजुटता का आह्वान

जोधपुर11 दिन पहले
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शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग। - Dainik Bhaskar
शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग।

अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस पर गुरुवार को शहर में हुए कार्यक्रमों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर आवाज उठाई गई। कलेक्ट्रेट में जहां महिलाओं ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया, वहीं डीआरएम कार्यालय में संगोष्ठी आयोजित कर महिला उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष करने पर जोर दिया गया। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा महिलाओं के प्रति बढ़ रही हिंसा के उन्मूलन के लिए यूनाइट अभियान चलाया गया है और हर साल 25 नवंबर को महिलाओं के प्रति हिंसा रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस मनाया जाता है। 25 नवंबर 1960 को राजनीतिक कार्यकर्ता डोमिनिकन शासक राफेल ट्रुजिलो (1930-1961) के आदेश पर मिराबैल बहनों की क्रूरता से हत्या कर दी गई थी।

इन तीनों बहनों ने ट्रुजिलो की तानाशाही का कड़ा विरोध किया था। महिला अधिकारों के समर्थक व कार्यकर्ता वर्ष 1981 से इस दिन को इन तीनों बहनों की मृत्यु की स्मृति के रूप में मनाते हैं। संगोष्ठी में शोषण के खिलाफ आवाज उठाने पर जोर, जागरूकता की ली शपथ नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉइज यूनियन की महिला विंग द्वारा मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें उत्पीड़न के खिलाफ महिलाओं को जागरूक होने का आह्वान किया गया।

मानसिक एवं शारीरिक शोषण के खिलाफ आवाज उठाने पर जोर दिया गया। संचालन आशा कंवर ने किया। सभी महिलाओं ने एकजुट होकर हाथों में तख्तियां लेकर महिला उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष करने की शपथ ली तथा संगठन को विश्वास दिलाया कि सभी महिला कर्मचारी अपने कार्यक्षेत्र में अधिक से अधिक महिलाओं को जागरूक करेंगी।

पीड़ित महिलाओं के लिए विशेष बजट प्रावधान की मांग
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) के आह्वान पर महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सुरक्षा का मुद्दा उठाया। एडवा की जिलाध्यक्ष नेहा के. मेघवाल ने बताया कि एडवोकेट ज्योत्सना पटेल और दिव्या जनागल के नेतृत्व में महिलाओं ने बच्चियों पर बढ़ते लैंगिक हमलों को रोकने, शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, स्कूलों के आसपास नशीले पदार्थों के कारोबार को रोकने, घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं का जीवन संवारने के लिए विशेष बजट का प्रावधान करने की मांग की।

छात्राओं के लिए विशेष छात्रावास बनाने, बढ़ती मंहगाई पर अंकुश लगाने और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी मांग की। इस दौरान आशा मीणा, उमा सोलंकी, रेशमा, सुल्ताना बानो, सोनू कड़वा, रेशमा बानो, नेहा बुरासिया, जायदा, कमला, काजल एवं चंदा आदि ने भाग लिया। इस मौके पर संगोष्ठियों का आयोजन भी किया गया।

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