करौली दंगा केस के 8 आरोपी जमानत पर रिहा:जेल के बाहर तैनात रही पुलिस, 2 जगहों पर की बैरिकेडिंग

करौली16 दिन पहले
करौली-धौलपुर सांसद डॉ. मनोज राजोरिया सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं ने सभी का माला पहनाकर स्वागत किया।

करौली में नव संवत्सर के मौके पर बाइक रैली पर पथराव और हिंसा के मामले में जेल में बंद 8 आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद करौली जिला जेल से रिहा कर दिया। इस दौरान करौली-धौलपुर सांसद डॉ. मनोज राजोरिया, भाजपा जिला अध्यक्ष बृजलाल डिकोलिया सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं ने सभी का माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान सांसद मनोज राजोरिया ने कहा कि राजस्थान सरकार तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है, जिसके चलते निर्दोष लोगों को झूठे मामले में फंसाकर जेल पहुंचा दिया। उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहाई मिली है। सांसद ने कहा कि वह सभी को न्याय दिलाने के लिए अंत तक लड़ाई लड़ेंगे।

जिला जेल से रिहा होने वालों में वीरेंद्र पुत्र शीशराम, रविंद्र पुत्र जोरमल, गजेंद्र पुत्र बलवीर, प्रहलाद पुत्र प्रेम शंकर, पुष्पेंद्र पुत्र कैलाश चंद्र, विपिन पुत्र मुकेश चंद, राजा पुत्र छोटेलाल एवं सोनू उर्फ विकास पुत्र राजेश शामिल है। रिहाई के दौरान जिला कारागृह के बाहर डीएसपी मनराज, कोतवाली सीआई दिनेश मीणा और शिकारगंज चौराहे पर महिला थाना अधिकारी शैलेंद्र सिंह, यातायात प्रभारी अजीत सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे। भाजपाई एक साथ गाड़ियों से रैली के रूप में नहीं लौटे, इसके लिए दो स्थानों पर बैरिकेडिंग में लगाई गई।

बता दें कि करौली में दंगा मामले में पुलिस ने 29 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें कोर्ट ने जेल भेजने के आदेश दिए थे। मामले में 2 नाबालिग को भी डिटेन किया था। मामले में पुलिस की ओर से कुल 41 एफआईआर दर्ज हुई है, जबकि 144 से अधिक लोगों को पुलिस ने चिन्हित किया है।