अन्नकूट का आयोजन:जनसहयोग से मंदिरों में अन्नकूट का आयोजन, भक्तों ने पाई पगंत प्रसादी

करौलीएक महीने पहले
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टोडाभीम। भूतेश्वर महादेव मंदिर पर अन्नकूट प्रसादी ग्रहण करते भक्तगण।‎ - Dainik Bhaskar
टोडाभीम। भूतेश्वर महादेव मंदिर पर अन्नकूट प्रसादी ग्रहण करते भक्तगण।‎

गांव नयागांव में स्थित प्रेत बाबा के मंदिर पर रविवार को अन्नकूट कार्यक्रम आयोजित किया गया।अन्नकूट का आयोजन ग्रामीणों के सहयोग से किया गया। अन्नकूट के आयोजन की तैयारी अलसुबह से ही शुरू हो गई। इससे पहले मंदिर की साफ-सफाई कर मंदिर की धुलाई की गई। साथ ही बाबा की आकर्षक झांकी सजाई गई। इसके पश्चात हलवाई अन्नकूट प्रसादी बनाने में जुट गए। दोपहर प्रसादी तैयार होने पर पहले प्रेत बाबा को अन्नकूट प्रसादी का भोग लगाया गया।और विशेष पूजा अर्चना की गई।इसके पश्चात सभी को अन्नकूट प्रसादी वितरित की गई। सैकड़ों की संख्या में भक्तगण प्रसादी लेने के लिए बालाजी बाबा मंदिर पहुंचे।

इस दौरान पहले भक्तजनों ने बाबा के मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना और आरती की और परिवार में सुख शांति और समृद्धि की मनौती मांगी इसके बाद सभी ने पंगत में बैठकर कड़ी बाजरे की प्रसादी का आनंद लिया। कार्यक्रम से जुड़े धर्मेंद्र नयागांव ने बताया कि शाम तक लोग अन्नकूट प्रसादी लेने के लिए बाबा के मंदिर पहुंचे और प्रसादी ग्रहण की। साथ ही कई लोग अपने साथ बर्तन भी ले गए और लौटते समय बर्तनों में कड़ी बाजरे की प्रसादी लेकर घर आए जिसका घर के अन्य सदस्यों ने भी आनंद लिया।
टोडाभीम| कस्बे के रंगलाल का पुुरा स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर पर रविवार को शिव भक्तों के द्वारा खीर पुए व अन्नकूट प्रसादी का आयोजन किया गया। अन्नकूट प्रसादी में हजारों शिव भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की गई। भूतेश्वर महादेव मंदिर पर शिव भक्त मण्डल की ओर से आयोजित अन्नकूट समारोह में रंगलाल का पुरा रोड़ के समीप स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर आयोजित अन्नकूट प्रसादी से पूर्व महादेव जी को भोग लगाने के बाद लोगों को बैठा कर कढ़ी बाजरे व खीर पुए की प्रसादी खिलाई गई। इसके अलावा आसपास के लोगों को अन्नकूट प्रसादी का वितरण भी किया गया ।इस दौरान कस्बा सहित हजारों ग्रामीणों ने भूतेश्वर महादेव मंदिर पर प्रसादी वितरण के दौरान हजारों की संख्या में शिव भक्त उपस्थित रहे।
पटोंदा | रेलवे स्टेशन के पास स्थित हनुमान मंदिर पर रविवार को विशाल अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों एवं यात्रियों ने कढ़ी बाजरे की प्रसादी पाई। आयोजन समिति के तेजभान सिंह, योगेश, राजीव, आकाश जैन, रवि पाराशर आदि ने बताया कि हनुमान मंदिर पर अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें आस पास के गांव कजानीपुर, सनेट,आदि सहित रेलवे स्टेशन पर यात्रियों व रेल गाड़ियों में यात्रियों को कड़ी बाजरे की प्रसादी वितरित की गई। दोपहर में बालाजी मंदिर में चोला चढ़ाकर हरिकीर्तन का आयोजन किया गया, इसके बाद साय चार बजे से प्रसादी का वितरण किया गया जो देर शाम तक जारी रहा। प्रसादी में 125 किलो बाजरा,150 किलो छाछ सहित विभिन्न प्रकार की सब्जी दाल, मेवा मिष्ठान्न मिलाए गए।
हिंंडौनसिटी| बयाना मोड़ के पास रविवार को नागा बाबा की बगीची में संत प्रमोद गिरी त्रिवेणी दास के सानिध्य में अन्नकूट प्रसादी वितरण की गई। नागा बाबा के शिष्य केदार जोशी, हृदेश कुमार ने बताया कि रविवार को सांय बयाना मार्ग स्थित नागा बाबा की बगीची में सामूहिक रूप से बाजरा, चावल, कढ़ी, सब्जी की अन्नकूट प्रसादी बनाकर वितरण समारोह आयोजित किया गया। प्रसादी वितरण कार्य में नगेंद्र मोहन, विक्रम सिंह, हंसराज शर्मा, योगेंद्र मिश्रा, चेतन दत्तात्रेय, गोविंद धाकड़, श्रीकांत, बंटी सारस्वत, विशाल चतुर्वेदी, पिंटू, रामसिंह, देवेंद्र आदि ने अन्नकूट प्रसादी बनाने व वितरण में सहयोग किया।
नादौती | कस्बे के सिद्ध बाबा के मंदिर में रविवार को अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया। आयोजन कमेटी के कार्यकर्ता अध्यापक बाबूलाल मीना शिक्षक, कंपाउंडर राेशनलाल, श्यामलाल नीमरोठ, मुकेश, पुष्पवीर, गौरव, हरिप्रसाद आदि प्रसादी तैयार करने में जुट गए। प्रात: 11 बजे विधि विधान से मंत्रोच्चारण कर सिद्ध बाबा की पूजा कर अन्नकूट की प्रसादी का भोग लगाया। इसके बाद प्रसादी का वितरण किया गया। सैकड़ों लोगों ने सिद्ध बाबा के जयकारे लगाकर प्रसादी ग्रहण की। मेघराम पटेल, ऊंकार पटेल, नवल पटेल सहित सिद्ध बाबा भक्त मंडल नादौती के कार्यकर्ताओं ने प्रसादी वितरण में सहयोग किया।
हिंडौन सिटी| प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ज्ञान रत्न केंद्र हिंडौन सिटी पर अन्नकूट महाप्रसादी का आयोजन किया गया। इसमें करीब 400 से अधिक लोगों ने शामिल होकर कढ़ी-बाजरा की प्रसादी ग्रहण की। केंद्र से जुड़ी दैवी बहन ने बताया कि अन्नकूट महोत्सव आयोजन के तहत प्रियंका दीदी ने अन्नकूट महोत्सव का आध्यात्मिक महत्व व रहस्य बताया। कहा कि मोह और अहंकार से दूर, धैर्य और उत्साह से परिपूर्ण, मित्र और शत्रु, मान- अपमान, सुख-दुख, निंदा और स्तुति में समभाव रखने वाला भक्त ही भगवान को प्रिय होता है। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शिक्षा, व्यक्ति को गीता का ज्ञान ग्रहण करते हुए जीवन को धन्य और आनंदमय बनाने का मार्ग प्रशस्त करती है। इन्द्र के अभिमान को तोड़ने के लिए भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी एक अंगुली में उठाया था। इस अवसर पर सभी ग्रामीणों ने अपनी भूख शांत करने के लिए विभिन्न सब्जियों व फलों के मिश्रण से भोज तैयार किया था। इसकी याद में ही अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया जाता है। संस्थापिका हेतल दीदी ने भोग का अर्पण किया और कहा कि प्रसादी ग्रहण करने से सभी बीमारियां दूरी होती है।

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