पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने पर फैसला नहीं:बैठक में नहीं बनी सहमति, पुलिस-प्रशासन ने मांगा 8 दिन का समय

करौली2 महीने पहले
पांचना बांध से नहरों में जल निकासी को लेकर बुधवार को आयोजित जल वितरण कमेटी की बैठक एक बार फिर बेनतीजा रही।

पांचना बांध से नहरों में जल निकासी को लेकर बुधवार को आयोजित जल वितरण कमेटी की बैठक एक बार फिर बेनतीजा रही। इसके चलते पांचना का पेंच नहीं सुलझ सका। प्रशासन द्वारा 8 दिन बाद पांचना बांध से जल निकासी को लेकर निर्णय किया जाएगा।

पांचना बांध से पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर आयोजित बैठक में बात रखते किसान।
पांचना बांध से पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर आयोजित बैठक में बात रखते किसान।

पांचना बांध से जल निकासी को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जल वितरण कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पांचना बांध के कमांड एरिया और गुडला पांचना लिफ्ट परियोजना क्षेत्र के किसान, गंगापुर विधायक रामकेश मीणा, भरतपुर संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा, आईजी गौरव श्रीवास्तव, करौली कलेक्टर अंकित कुमार सिंह, एसपी नारायण टोगस, सवाई माधोपुर कलेक्टर नरेश कुमार, गंगापुर एएसपी प्रकाश चंद, एडीएम मुरलीधर प्रतिहार, जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता, करौली अधिशासी अभियंता सहित बांध से जल निकासी की मांग कर रहे किसान तथा पांचना गुडला संघर्ष समिति के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने पर आयोजित बैठक में उपस्थित किसान।
पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने पर आयोजित बैठक में उपस्थित किसान।

बैठक में जहां एक और पांचना बांध के कमांड एरिया के किसानों ने जल्द से जल्द नहरों में पानी निकासी की मांग की। वहीं, पांचना गुड़ला संघर्ष समिति के पदाधिकारी और पांचना गुडला लिफ्ट परियोजना क्षेत्र के किसानों ने पहले उन्हें पानी उपलब्ध कराने के बाद सभी को पानी उपलब्ध कराने की बात दोहराई। इस दौरान एडवोकेट और संघर्ष समिति के पदाधिकारी रामस्वरूप बैंसला, अशोक सिंह धाबाई तथा अन्य किसानों ने कहा कि सरकार 12 साल में भी पांचना गुडला लिफ्ट परियोजना से साढ़े तीन ग्राम पंचायतों के 39 गांव को पानी नहीं दे सकी है, जो नहर बनाई गई है उससे 13 गांव को पानी मिलना संभव नहीं है। ऐसे में पांचना बांध के करीब रहने वाले किसान प्यासे रहेंगे। पांचना गुडला लिफ्ट परियोजना क्षेत्र के किसानों ने कहा कि जब तक उन्हें पानी नहीं मिलेगा वह किसी और को पानी देने नहीं देंगे। इसके बाद वो बैठक को छोड़कर चले गए। पांचना बांध के कमांड एरिया से आए किसानों ने हर हालत में नहरों में पानी छोड़ने की मांग की। गंगापुर विधायक रामकेश मीणा ने प्रशासन पर भी दबाव बनाया और हर हालत में पानी छोड़ने की तिथि तय करने की मांग की। कुछ किसानों ने हाथ जोड़कर झोली फैलाई और नेहरू में पानी छोड़ने की मांग की।

एक पक्ष के बैठक को बीच में छोड़कर चले जाने के कारण जल निकासी की तिथि तय नहीं हो सकी। पांचना बांध के कमांड क्षेत्र के किसानों की जल निकासी की तिथि तय करने की मांग पर संभागीय आयुक्त ने कहा कि 8 दिन में पुलिस और प्रशासन हालात का एसेसमेंट कर जल्द ही जल वितरण की तिथि तय करने का प्रयास होगा। बैठक के दौरान पांचना बांध और गंभीर नदी के किनारे रहने वाले किसानों ने भी उन्हें पानी उपलब्ध कराने की मांग की। यहां गौरतलब है कि पांचना बांध से 2005 के बाद सिंचाई के लिए नहरों में पानी की निकासी नहीं हो सकी है। पांचना बांध से कमांड क्षेत्र के 9 हजार 985 हेक्टर में तथा 59 गुडला लिफ्ट परियोजना से 1 हजार 943 हेक्टर सिंचाई होनी है।