निर्वाचन के 6 महीने बाद हुई साधारण सभा की बैठक:सदस्यों ने पेयजल और सड़कों की समस्या उठाई, जल्द समाधान की मांग

करौली2 महीने पहले
करौली जिला परिषद सदस्यों के निर्वाचन के करीब 6 माह बाद साधारण सभा की पहली बैठक परिषद कार्यालय स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र में आयोजित की गई। - Dainik Bhaskar
करौली जिला परिषद सदस्यों के निर्वाचन के करीब 6 माह बाद साधारण सभा की पहली बैठक परिषद कार्यालय स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र में आयोजित की गई।

करौली जिला परिषद सदस्यों के निर्वाचन के करीब 6 माह बाद साधारण सभा की पहली बैठक परिषद कार्यालय स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र में आयोजित की गई। बैठक में सदस्यों ने शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर शिकायत की और अधिकारियों से जल्द से जल्द समाधान की मांग की।

बैठक के दौरान सर्वाधिक सवाल वार्ड नंबर 4 से चुनकर आए सदस्य कैप्टन रामचंद्र ने पूछे। उन्होंने नादौती क्षेत्र की पीएचसी और स्वास्थ्य केंद्रों पर साफ-सफाई की खराब व्यवस्था सुधारने, नादौती में रिक्त पड़े डॉक्टर के पद भरने, नादौती हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर की नियुक्ति कराने, हॉस्पिटल में सोनोग्राफी मशीन लगाने की मांग की। सीएमएचओ डॉक्टर दिनेश मीणा ने कहा कि खाली पदों की सूचना विभाग को भिजवाई जा चुकी है। नए चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है जल्द ही नियुक्ति की जाएगी। साथ ही कहा कि जिले में गिने-चुने रेडियोलॉजिस्ट है। इस वजह से सोनोग्राफी मशीन शुरू नहीं हो पा रही। रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के बाद सोनोग्राफी मशीन भी शुरू कराना संभव होगा।

इस दौरान एक सदस्य ने हिंडौन हॉस्पिटल में निशुल्क दवा वितरण काउंटर की कमी के कारण दवा लेने में देरी होने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि अभी अस्पताल में मात्र तीन काउंटर हैं। उन्हें बढ़ाकर पांच किया जाए, जिससे रोगियों को दवा लेने में परेशानी ना हो। इस दौरान सहराकर, मान्नौज सहित जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर डायबिटीज, बीपी की जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। सीएमएचओ ने बताया कि जिले में 193 सीएचओ की नियुक्ति हुई है, जिनका काम 30 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों में शुगर, बीपी की जांच करना है।

एक सदस्य ने जिले के सभी सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब अनुपयोगी पड़े होने का मुद्दा उठाया। सदस्य ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा नहीं मिलने के कारण छात्र पिछड़ रहे हैं। सदस्यों ने सरकारी विद्यालयों में अतिक्रमण करने, कचरा डालने एवं संसाधनों के अभाव की शिकायत की। रसद अधिकारी ने बताया कि जिले में 555 राशन डीलर द्वारा वितरण किया जा रहा है। सरकारी कर्मचारियों से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ नहीं लेने की अपील की।

इस दौरान मनरेगा कृषि विभाग सहित विभिन्न अधिकारियों ने सदस्यों से सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार करने और अधिकाधिक लोगों को जोड़ने की अपील की। बैठक में परिषद जिला प्रमुख शिमला देवी, एडीएम परसराम मीणा, सीईओ महावीर नायक, जिला परिषद सदस्य और जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।