• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Karauli
  • Mercury 47, The Milk Of Animals Also Dried Up; Buffalo Giving 10 Liters Of 7 Liters. Only Giving, 50% Of Arrivals Decreased In Dausa Jaipur Dairy, Milk Expensive

भास्कर एक्सक्लूसिव:पारा 47, पशुओं का दूध भी सूखा; 10 लीटर देने वाली भैंस 7 ली. ही दे रही, दौसा-जयपुर डेयरी में 50% आवक घटी, दूध महंगा

करौलीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पशुपालक बोले-हर बार मई-जून में घटता था दूध, इस बार मार्च से ही घट गया, प्रतिबंधित इंजेक्शन से बढ़ा रहे क्षमता

इस बार भीषण गर्मी से इंसान ही नहीं, पशुधन भी प्रभावित हो रहा है। आमतौर पर हर साल गर्मी से मई-जून में पशुओं का दूध घटता है, लेकिन इस बार मार्च से ही यह स्थिति आ गई। जुलाई तक बारिश आ जाने से दूध का संकट ज्यादा दिन नहीं रहता था, लेकिन मार्च से ही गर्मी के तेवर तीखे हो गए। ऐसे में गाय-भैंस का दूध भी तब से ही घटना शुरू हो गया था। गर्मियों से पहले 10 लीटर तक दूध देने वाली भैंस इन दिनों 7 लीटर दूध ही दे रही है। इसका असर बड़ी डेयरियों पर भी पड़ा है। वहां दूध की आवक घट गई है।

जनवरी-फरवरी में सवाई माधोपुर में रोजाना 10 हजार लीटर दूध आ रहा था, जो घटकर 3 हजार लीटर ही रह गया है। करौली में जनवरी के मुकाबले आवक 6 हजार लीटर प्रतिदिन घटकर 16 हजार लीटर रह गई है। जयपुर में 50% व दौसा में 60% तक गिरावट हुई है। मई में सरस डेयरी व दुग्ध कारोबारियों ने दूध के दाम 3 रु. प्रति लीटर बढ़ा दिए। टोंड दूध 55 रु. प्रति लीटर है। छह माह पहले 52 रु. लीटर मिल रहा था।

एक्सपर्ट व्यू : गर्मी में ग्रंथि सिकुड़ने से घटता है दूध, 3 बार पानी पिलाएं, हवादार हों बाड़े

पशुपालन विभाग करौली के जोनल डायरेक्टर डॉ. खुशी राम मीणा बताते हैं कि गर्मियों में तापमान ज्यादा होने से पशुओं के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे मेटाबॉलिज्म रेट कम होने से पशुओं में दूध देने की ग्रंथि सिकुड़ने लगती है और दूध की मात्रा में कमी आ जाती है। पशुपालक गर्मी में पशुओं का ध्यान रखने में लापरवाही बरतते हैं। पशुओं को दोपहर या शाम के वक्त नहलाते हैं और खुले में बांध देते हैं, जो उनके लिए बेहद नुकसानदेह होता है। जबकि उन्हें बाड़े में ही बांधना चाहिए।

बाड़े में हवादार वेंटिलेशन, खिड़कियों पर गीले टाट के कपड़े होने चाहिए ताकि ठंडी हवा पशुओं को मिलती रहे। इन टाट के कपड़ों पर पानी का छिड़काव होता रहे तो पशुओं के शरीर का तापमान कम रहेगा। रंग काला होने से गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी भैंस को होती है। काला रंग सूर्य की किरणों को ज्यादा खींचता है। इस कारण उसका तापमान गर्मी में ज्यादा रहता है। गर्मी में जानवरों को सुबह जल्दी नहला देना चाहिए और दिन में तीन वक्त पानी पिलाना चाहिए ताकि शरीर का तापमान कम रहे। इससे उन्हें निमोनिया, बुखार जैसी तकलीफ नहीं होगी।

करौली: आवक 22% कम हुई, दूध, पनीर, घी, छाछ मेवा एवं छैने की मिठाइयों के दाम 15 प्रतिशत बढ़े

करौली/ हिंडौन सिटी | गर्मी में पशुओं को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा और पशु आहार नहीं मिलने से जिले में दूध की आवक 20 से 22% कम हो गई। इससे मेवा, घी, छाछ और मिठाइयों के भाव में 10 से 15% की वृद्धि हो गई। दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए पशुपालक पशुओं को कैल्शियम पाउडर, फास्फोरस युक्त पोषक तत्व खिला रहे हैं। इससे कई प्रकार के लिक्विड वाले पाउडर की बिक्री बढ़ी है। ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का कारोबार भी चल रहा है।

विकल्प...जयपुर में चार जगहों पर पाउडर से बन रहा दूध

जयपुर | दूध की कमी को पूरा करने के लिए राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी के माध्यम से पाउडर से दूध बनाने का कार्य किया जाता है। जिलेभर में गोविंदगढ़, बस्सी सहित चार स्थानों पर पाउडर से दूध बनाया जाता है। दूध बनने के बाद डेयरी से दूध की सप्लाई की जाती है।

खबरें और भी हैं...