मांग:ईआरसीपी पर राजनीति बर्दाश्त नहीं , चंबल का पानी लाने में देर स्वीकार नहीं

करौली2 महीने पहले
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बामनवास उत्तरी-पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों के किसानों ने अब एलान कर दिया है कि ईआरसीपी पर किसी भी प्रकार की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केन्द्र और राज्य सरकार को बिना कोई राजनीति किए ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने का कार्य करना चाहिए, ताकि चंबल के पानी से सिंचाई और पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। किसानों ने सरकार को यह भी चेतावनी दी है कि अब चंबल के पानी में कोई देर स्वीकार नहीं होगी। किसानों ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष रामनिवास मीना के आव्हान पर ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराने का संकल्प लिया है।

मौरा सागर बांध पर आयोजित पंचायत में संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष भामाशाह रामनिवास मीना ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारों के मंत्री राजनीतिक वयानबाजी से ईआरसीपी को एक-दूसरे के पाले में फैंकने की राजनीति नहीं करें, बल्कि 13 जिले के निवासी किसानों के दर्द को समझते हुए गंभीरत से इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित कर शीघ्र से शीघ्र इस योजना का कार्य शुरू कराएं। उन्होंने कहा कि पेयजल और सिंचाई के अभाव में प्रदेश के 13 जिले विकास में पिछडते जा रहे हैं। पूर्वी राजस्थान में नए औद्योगिक संस्थान स्थापित नहीं हो पा रहे हैं, बल्कि पेयजल के अभाव में उद्योगों पर ताले लटकने लगे हैं। इसी तरह पूर्वी राजस्थान के निवासी किसानों की आमदनी दुगनी की बात दूर, पशु पालन एवं कृषि आधारित जीवन जीना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में केन्द्र और राज्य सरकार को ईआरसीपी के मुद्दे पर गंभीरता बरतनी चाहिए। उन्होंने इसके लिए किसानों के जागरूक एवं एकजुट होने का आव्हान किया। मीना ने कहा कि राजनीति कर रहे सरकार के प्रतिनिधियों को किसानों को अपनी ताकत दिखानी चाहिए।

ईआरसीपी में मांड क्षेत्र के छूटे बांधों को जोड़ने की उठी मांग
महापंचायत में ईआरसीपी में मांड क्षेत्र के छूटे हुए बांधों को जोड़ने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। सवाईमाधोपुर जल वितरण समिति के अध्यक्ष प्यारे लाल मीणा ने कहा कि ईआरसीपी से क्षेत्र के मोरा सागर और मोती सागर जैसे बड़े बांध छूट गए हैं, जिन्हें सरकार को जोड़ने का कार्य करना चाहिए। पूर्व प्रधान राजेंद्र मीणा ने ईआरसीपी के प्रति 13 जिलों के किसानों में अलख जगाने पर संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष रामनिवास मीना को धन्यवाद दिया और कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है। इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।

बाटोदा की महापंचायत और वाहन रैली को दिया समर्थन
महापंचायत के दौरान अट्ठाईसा विकास परिषद के पदाधिकारी शंकर लाल मीणा, कमलेश मीणा सहित काफी पदाधिकारी और ग्रामीण पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष रामनिवास मीना से मिले और अट्ठाईसा विकास परिषद की ओर से 3 जुलाई को बामनवास की तहसील बरनाला के बाटोदा में होने वाली वाहन रैली और महापंचायत के लिए समर्थन मांगा। इस पर प्रदेश अध्यक्ष रामनिवास मीना ने कहा कि ईआरसीपी के प्रति शांतिपूर्ण तरीके से कानून के दायरे में जो भी कार्यक्रम होंगे, उन्हें उनका पूरा समर्थन है।

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