सांसद की कार के बोनट पर चढ़कर प्रदर्शन:ERCP को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराने की मांग

करौली3 महीने पहले
भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सांसद की गाड़ी का घेराव किया और ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराने की मांग की। - Dainik Bhaskar
भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सांसद की गाड़ी का घेराव किया और ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराने की मांग की।

करौली में भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को करौली-धौलपुर सांसद की गाड़ी रोक ली और उनका घेराव कर दिया। इस दौरान कुछ युवा गाड़ी के बोनट पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगे। युवाओं ने पूर्वी राजस्थान कैनाल परियोजना (ERCP) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराने की मांग की।

जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करौली-धौलपुर सांसद डॉ. मनोज राजोरिया करौली-हिंडौन रोड से जयपुर जा रहे थे। इस दौरान कटकड़ मोड़ पर भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सांसद की गाड़ी के आगे आ गए। सासंद की गाड़ी रुकते ही युवा कार के बोनट पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान सांसद ने इस योजना को सरकार से क्रियान्वित कराने का आश्वासन देकर मामला शांत किया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम मीणा, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजेंद्र मीणा और किसान संघ के युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विक्रम सिंह मीणा ने बताया कि 13 जिलों के 3 करोड़ लोगों का यह जन आंदोलन है। हम 13 जिलों के हर सांसद और विधायक का जमकर विरोध करेंगे और उन्हें इस योजना में शामिल करेंगे। ताकि जल्द से जल्द इस योजना को क्रियान्वित कर लोगों को पानी की समस्या से छुटकारा दिलाया जा सके।

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 2016 में राजस्थान के उत्तरी-पूर्वी 13 जिलों करौली, सवाईमाधोपुर, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, झालावाड़, कोटा, बांरा, बूंदी, अलवर, जयपुर, टोंक और अजमेर की पानी, सिंचाई और औद्योगिक संस्थाओं को आपूर्ति के लिए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) का प्रस्ताव तैयार कराया था। अनुमानित लागत 37 हजार 247.12 करोड़ रुपए के इस प्रस्ताव को 19 नवंबर 2017 को केंद्रीय जल आयोग को भेजा था। उस वक्त केन्द्र सरकार ने आश्वस्त किया था कि यह प्रस्ताव केन्द्रीय योजना का हिस्सा बनेगा। लेकिन इसके राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं होने से परियोजना का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। इस बीच लगातार इस परियोजना की लागत बढ़ती जा रही है।