खेती- किसानी / सवा लाख कट‌्टे गेहूं की आवक से मंडी हुई फुल, माल का उठाव करने की भी चुनौती

A quarter of a quarter of full wheat harvested from the arrival of wheat, also a challenge to lift the goods
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A quarter of a quarter of full wheat harvested from the arrival of wheat, also a challenge to lift the goods

  • किसान महापंचायत ने कहा- खरीद केंद्रों की समस्याओं का समाधान किया जाए

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 08:08 AM IST

बारां. शहर स्थित कृषि उपज मंडी में इन दिनों सीजन के चलते गेहूं की बंपर आवक हो रही है। मंडी में शनिवार को करीब सवा लाख कट्टे गेहूं की बंपर आवक रही। इस दौरान जगह-जगह ढेर लगने से मंडी ठसाठस रही। वहीं किसान संगठनों की ओर से समर्थन मूल्य खरीद केंद्रो पर अव्यवस्थाओं के कारण खरीद नहीं होने की समस्या के समाधान की मांग की जा रही है। इसके साथ ही किसानों से 50 फीसदी जिंस समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग की जा रही है।
मंडी सचिव मनोज मीना ने बताया कि शनिवार को मंडी में 70 हजार क्विंटल गेहूं व 3250 क्विंटल लहसुन की आवक हुई। मंडी में माल बेचने के लिए आने वाले किसानों के पहुंचने का सिलसिला देर रात से ही जारी रहा। बंपर आवक के चलते मंडी प्लेटफार्माें में जगह-जगह गेहूं के ढेर लगे रहे। इसके चलते मंडी ठसाठस रही। इस दौरान जिंसों की नीलामी भी देर शाम तक जारी रही। किसानों को गेहूं का न्यूनतम 1729 से अधिकतम 1929 रुपए तक का भाव मिला।

भाव सही मिलने से किसान उत्साहित रहे। किसानों को भाव सही मिलने से बड़ी संख्या में किसान माल लेकर पहुंच रहे हैं। मंडी में जिंसों की बंपर आवक के चलते अव्यवस्था न हो, इसके लिए व्यापारियों को जिंस खरीद के बाद प्लेटफार्माें से तेजी से माल के उठाव के निर्देश दिए गए हैं। सचिव मीना ने बताया कि सोमवार को भी टोकनधारक किसानों से गेहूं व अन्य जिंसों की खरीद होगी। इसके लिए प्रत्येक अाढ़तिए पर तीन किसानों को गेहूं व एक किसान को अन्य जिंस के लिए टोकन जारी किए गए हैं।
खरीद केंद्र पर व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर दिया ज्ञापन

 किसान महापंचायत ने सरकारी खरीद केंद्रों पर आ रही समस्याओं को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन भेजकर समाधान की मांग की है। किसान महापंचायत के प्रदेश संयोजक सत्यनारायण सिंह ने बताया कि जिले में कई जगह पर समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर पिछले कई दिनों से बारदाना उपलब्ध नहीं होने से तुलाई नहीं हो रही है। ऐसे में किसान मंडी में कम भावों पर ही जिंस बेचने को मजबूर हैं। किसान महापंचायत ने मांग कि है कि जिले में हुए कुल गेहूं उत्पादन का 50 फीसदी  माल सरकारी खरीद केंद्रों पर ही खरीदा जाए, ताकि किसानों को खुले में मंडी में सस्ते दाम में गेहूं नहीं बेचना पड़े।

प्रत्येक खरीद केंद्र कर 250 क्विंटल से बढ़ाकर एक हजार क्विंटल करने की व अधिक से अधिक किसानों को टोकन जारी करने व सभी किसानों के गेहूं खरीदने के साथ ही समय पर भुगतान की मांग की गई। इस दौरान कलेक्टर ने किसान महापंचायत को जल्द टोकन वितरण करने व बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया है। इस दौरान कैप्टन रघुवीर सिंह, कृष्णमुरारी नागर, छीतरसिंह हाड़ा, रमेश मीणा, श्यामसुंदर तिवारी, मुकेश पालीवाल आदि मौजूद थे।
खरीद लक्ष्य बढ़ाएं व मंडी टैक्स खत्म करें

भारतीय किसान संघ ने संभागीय आयुक्त को ज्ञापन भेजकर राज्य सरकार को समर्थन मूल्य पर गेहूं, सरसों, चना का खरीद लक्ष्य बढ़ाने सहित मंडी टैक्स खत्म करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि जिले में इस वर्ष गेहूं का कुल उत्पादन 8.75 लाख मीट्रिक टन हुआ है। उस हिसाब से 3.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होनी चाहिए। जिले का पूर्व में .55 लाख मीट्रिक टन निर्धारित था जो बहुत कम है। वर्तमान में .23 मीट्रिक टन लक्ष्य बढ़ाया गया है उसके भी टोकन जारी नहीं किए जा रहे हैं।
किसान असमंजस की स्थिति में है। केंद्र सरकार ने कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत खरीद लक्ष्य तय कर रखा है जिसे पूरा करना चाहिए। हाल ही लगाए गए दो प्रतिशत मंडी टैक्स को समाप्त करने के लिए किसान संघ ने प्रदेश में ज्ञापन दिए थे, लेकिन अभी सरकार ने मात्र एक प्रतिशत के करीब टैक्स कम किया है जो उचित नहीं। किसान कल्याण कोष को पूरी तरह समाप्त करने की किसान संघ मांग की है। ज्ञापन भेजने वालो में प्रांत मंत्री शंकरलाल नागर, जिलाध्यक्ष विक्रम सिरोहिया, जिला मंत्री भूपेंद्र शर्मा, जिला प्रचार प्रमुख बृजमोहन मेहता आदि शामिल थे।

छबड़ा मंडी में भी शुरू होगी लहसुन की खरीद

कस्बे की कृषि उपज मंडी में अब लहसुन की खरीद भी शुरू की जाएगी। ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचन्द्र धनोरिया ने बताया कि मंडी को टोकन व्यवस्था से मुक्त कर दिया गया है, जिससे किसानों को राहत मिली है और अब हर गांव के किसान अपनी जिंस लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं। मंडी में गेहूं सहित अन्य जिंस चना, धनिया, सरसों, सोयाबीन आदि की बंपर आवक हो रही है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में छीपाबड़ाैद मंडी में ही लहसुन की खरीद होती है। इस वर्ष क्षेत्र में लहसुन की बंपर पैदावार हुई है। छीपाबड़ाैद मंडी में बंपर आवक से किसानों का नंबर नहीं आने से उन्हें परेशानी हाे रही है। इसलिए अब छबड़ा मंडी में भी मंगलवार से लहसुन की खरीद शुरू की जाएगी।
तौल केंद्र से जिंस का उठाव होने के बाद ही होगा खरीद कार्य

राजफेड के निर्देश पर क्रय-विक्रय सहकारी समिति की ओर से कृषि उपज मंडी परिसर में समर्थन मूल्य पर गेहूं, सरसों एवं चने की खरीद का कार्य किया जा रहा है। लेकिन, इन खरीद केंद्रों पर गेहूं, सरसों एवं चने का उठाव नहीं होने के कारण एवं खरीद के लिए स्थान नहीं रहने से 22 मई से सरसों एवं चना खरीद कार्य नहीं हो सका है।

क्रय-विक्रय सहकारी समिति के व्यवस्थापक संदीप मालव ने बताया कि केंद्र से खरीदे गए सरसों एवं चना का उठाव होने के बाद ही खरीद कार्य शुरू हो सकेगा। पंजीकृत किसानों से अनुरोध है कि समिति से मोबाइल पर संपर्क करने के बाद ही जिंस को समर्थन मूल्य पर लाएं।

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