सतर्कता जरूरी:26 दिन बाद जिले में मिले 3 कोरोना पॉजिटिव जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए जयपुर भेजेंगे सैंपल

बारांएक महीने पहले
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बारां. पॉजिटिव के संपर्क में आए लोगों की सैंपलिंग करती टीम। - Dainik Bhaskar
बारां. पॉजिटिव के संपर्क में आए लोगों की सैंपलिंग करती टीम।
  • राहत यह कि.. तीनों मरीजों में कोई गंभीर लक्षण नहीं, होम क्वारेंटाइन किया
  • संदिग्ध मरीजों व रैंडम जांच के लिए विभाग ने बढ़ाई सैपंलिंग, पॉजिटिव मरीजों में दो बारां व एक मंडोला निवासी

जिले में 26 दिन राहत के बाद मंगलवार को तीन पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। इससे पहले जिले मे 18 नवंबर को पॉजिटिव मरीज मिला था। लंबे समय बाद अचानक कोरोना पॉजिटिव तीन मरीज मिलने से हड़कंप मच गया। चिकित्सा विभाग ने कोरोना की तीसरी संभावित लहर की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्कता बरतने की अपील की है। हांलाकि राहत की बात यह है कि तीनों मरीजों में कोई गंभीर लक्षण नहीं मिले हैं। पॉजिटिव मरीजों व उनके संपर्क में आए परिजनो को होम क्वारेंटाइन किया गया है। प्रदेश में ओमिक्रॉन की दस्तक को देखते हुए पॉजिटिव मिले तीनों मरीजों के सैंपल जीनाेम सिक्वेसिंग के लिए जयपुर एसएमएस अस्पताल स्थित लैब में जांच के लिए भिजवाए जाएंगे।

मरीजों की कोई केस हिस्ट्री नहीं...संपर्क में आए 49 लोगों के लिए सैंपल

डिप्टी सीएमएचओं डॉ. अकबर अली बोहरा ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर के अंदेशा बना हुआ है। संक्रमण से बचाव के लिए लोगो को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग की पालना आदि गाइडलाइन की पालना की अपील की जा रही है। साथ ही संदिग्ध मरीजों व रैंडम जांच के लिए सैपंलिंग बढ़ाई जा रही है। मंगलवार को तीन लाेगोे की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. बोहरा ने बताया कि पॉजिटिव मिले दो मरीज बारां शहर तथा एक मरीज मंडोला निवासी है। इनकी कोई केस हिस्ट्री सामने नहीं आई है। इनके संपर्क में आए परिजनों सहित 49 लोगो की जांच के लिए सैंपल लिए हैं।

डरें नहीं, लेकिन सतर्क रहें...मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिंग की गंभीरता से करें पालना सीएमएचओ डॉ. संपतराज नागर ने बताया कि आमजन को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एहतियात बरतनी चाहिए। मास्क लगाए रखने व सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करें। साथ ही कोविड वैक्सीनेशन भी करवाना करवाना चाहिए। सीएमएचओ डॉ. नागर नें बताया कि तीसरी संभावित लहर को देखते हुए अस्पतालों में ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, आईसीयू, वेंटिलेटर, बैड, ऑक्सीजन प्लांट सहित अन्य इंतजामों को दुरुस्त किया जा रहा है। विदेश व अन्य राज्यों से आ रहे लोगों पर निगरानी व कोविड जांच की जा रही है।

क्या है जीनोम सिक्वेंसिंग: पॉजिटिव मिले तीन मरीजों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए जयपुर भिजवाया जाएगा। जीनोम सिक्वेंसिंग एक तरह से वायरस का बायोडाटा होता है। वायरस के प्रकार आदि की जानकारी जीनोम के जरिए मिलती है। वायरस के विशाल समूह को जीनोम कहा जाता है। वायरस के बारे में जानने की विधि को जीनोम सीक्वेंसिंग कहते हैं, इससे ही कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में पता चला है। इसमें मरीज के शरीर से वायरस का सैंपल लिया जाता है और लैब में उसकी आनुवंशिक संरचना का पता लगाया जाता है। जहां उसका जेनेटिक कोड निकल आता है।

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