पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

इसलिए पड़ी जरूरत...:अस्पताल में 30 बेड का बच्चों का वार्ड आज से होगा शुरू, मिलेगी बड़ी राहत

बारां10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
बारां. एमसीएच विंग स्थित वार्ड में भर्ती हो रहे बच्चों की संख्या बढ़ने से यहां अब बेड कम पड़ने लगे हैं। - Dainik Bhaskar
बारां. एमसीएच विंग स्थित वार्ड में भर्ती हो रहे बच्चों की संख्या बढ़ने से यहां अब बेड कम पड़ने लगे हैं।
  • मौसमी बीमारियों के सीजन में रोज 20-22 बच्चे हो रहे भर्ती, कम पड़ रहे थे बेड

जिला अस्पताल स्थित मातृ एवं शिशु विंग में साेमवार से बच्चों के लिए 30 बेड का नया वार्ड प्रारंभ हो जाएगा। इसमें 14 बेड सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में 24 बेड का वार्ड हैं, जिसमें 33 बेड पर 60 से 70 बच्चे भर्ती हैं। नए वार्ड से मौसमी बीमारियों के प्रकोप के बीच जिला अस्पताल पहुंचने वाले बीमार बच्चों को बेहतर चिकित्सा मिल सकेगी।जिले में बदलते मौसम के बीच खांसी, जुकाम, बुखार, वायरल, निमोनिया सहित अन्य बीमारियों को लेकर हर दिन जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु विंग आउटडोर में 150 से 200 बच्चे पहुंच रहे हैं। इनमें से हर दिन 20 से 22 बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। यहां पर वर्तमान में 24 बेड लगे हैं, बच्चों की संख्या बढ़ने से बेड बढ़ाकर 33 कर दिए गए हैं। वर्तमान में यहां रोजाना 60 से 70 बच्चे भर्ती रहकर इलाज करवा रहे हैं।

हर दिन 20 से 22 बच्चे डिस्चार्ज इतने ही फिर हो रहे हैं भर्ती जिला अस्पताल से हर दिन 20 से 22 बच्चों को डिस्चार्ज किया जाता है, तो इतने ही बच्चे फिर से भर्ती हो रहे हैं। ऐसे में एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती किया गया है। मौसमी बीमारियों का प्रकाेप अभी डेढ़ से दो महीने तक चलेगा। वहीं कोरोना की तीसरी लहर की आशंका भी बनी हुई है। इसको देखते हुए जिला अस्पताल में दूसरी मंजिल पर 30 बेड का नया वार्ड बनाया है। जिसको सोमवार से संचालित किया जाएगा।

विशेषज्ञ नहीं, बारां अस्पताल पर निर्भर जिलेभर के लोग जिले में 14 सीएचसी और 48 पीएचसी, दो अरबन पीएचसी और एक सिटी डिस्पेंसरी हैं। इसके मुकाबले बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ कम हैं। जिलेभर से अधिकांश बच्चों काे रेफर कर बारां भेजा जाता है। इसलिए यहां दबाव बना रहता है। जिले में अटरू और केलवाड़ा सीएचसी पर ही बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति है।

जिला अस्पताल एमसीएच विंग में शिशु वार्ड में भर्ती बच्चों की संख्या दोगुनी से अधिक थी। सभी को बेहतर उपचार मिल सके। इसको लेकर दूसरी मंजिल पर 30 बेड का का एक ओर वार्ड सोमवार से प्रारंभ किया जाएगा। बेड लगाने सहित स्टाफ की नियुक्ति कर दी है। इससे जिला अस्पताल पहुंचने वाले बच्चों को बेड की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।- डॉ. रामबुदेश मीणा, पीएमओ, जिला अस्पताल, बारां

खबरें और भी हैं...