त्योहारी सीजन:कलर के कारोबार ने पकड़ी गति, अब तक 3 करोड़ से ज्यादा की हुई बिक्री

बारांएक महीने पहले
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बारां. शहर में इन दिनों कलर की दुकान पर अच्छी ग्राहकी हो रही है। - Dainik Bhaskar
बारां. शहर में इन दिनों कलर की दुकान पर अच्छी ग्राहकी हो रही है।
  • इस बार ज्यादा बारिश से मकानों में आई सीलन, श्राद्ध के बाद से ही खरीदारी शुरू

दो साल से मंदी की मार झेल रहे कलर-पेंट के कारोबारियों के लिए इस बार दीपावली पर अच्छा कारोबार रहने की उम्मीद है। व्यापारियों के अनुसार इस बार अतिवृष्टि के कारण अधिकांश घरों मेंं सीलन सहित अन्य समस्याएं हुई, जिससे लोग अब मकानों पर दीपावली से पहले मरम्मत और कलर करा रहे हैं। जिलेभर में अब तक करीब 3 कराेड़ से अधिक की बिक्री हाे चुकी है।

दशहरे से कारोबार के और रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है।जिलेभर में कलर की करीब 200 से अधिक दुकाने हैं, इन पर श्राद्ध के बाद से ही लोगों ने कलर की खरीदारी शुरू कर दी थी। इतने दिनो में ही जिलेभर में करीब 3 करोड़ से अधिक की ब्रिक्री हाे चुकी है। कलर व्यवसाय से जुडे़ व्यापारियों का कहना है कि दशहरे के बाद से कलर की डिमांड बढ़ेगी। जिससे जिलेभर में कलर का अच्छा कारोबार होने की संभावना है। गौरतलब है कि जिले में इस बार राज्य में सबसे ज्यादा बारिश हुई थी। इस दौरान जिले में कई जगह पर बाढ़ के हालात भी बने थे। ऐसे में जिले के अधिकांश घरो में सीलन के कारण पेंट खराब हो चुका है।

जिलेभर में दीपावली पर होता है 6 करोड़ रुपए का व्यापार दीपावली पर्व पर रंगाई-पुताई पर जिले के लोग लगभग 6 करोड़ रुपए तक खर्च करते हैं। आजकल आए दिन बन रहे नए मकान और कंस्ट्रक्शन के काम में तेजी के कारण रंग-रोगन का कारोबार सालभर चलता है, लेकिन श्राद्ध पक्ष से दशहरा तक काम में तेजी और लेबर की मांग ज्यादा रहती है। शहर में लगभग 6 करोड़ रुपए का व्यापार होता है। कलर विक्रेता केशव गोयल ने बताया कि कोरोनाकाल में दो साल से कारोबार गिरने से 4 से 5 करोड़ का ही कारोबार हुआ था। इस बार करीब 3 करोड़ का कारोबार हो चुका है।

मजदूरी बढ़ी, 50 फीसदी तक ज्यादा रेट ले रहे पेंटररंगाई-पुताई के लिए मजदूर तो आसानी से मिल रहे हैं, लेकिन इन्होंने इस बार अपनी मजदूरी में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी कर दी है। दो साल तक रंग-पेंट करने वाले लोग एक दिन के मेहनताना में करीब 500 रुपए लेते थे। लेकिन अब मजदूरी 700 से 800 रुपए तक ले रहे हैं। जिले में कलर की 200 से अधिक दुकानें होने से इस बार यह कारोबार अच्छा चलने की उम्मीद है। कोरोना काल में कारोबार में 50 फीसदी तक गिरावट आई थी, लेकिन अभी तक 3 करोड़ तक का कारोबार हो चुका है।इस बार प्लास्टिक और वाटरप्रुफ पेंट की डिमांड ज्यादाकलर व्यवसायी गोयल ने बताया कि इस बार प्लास्टिक पेंट और वाटरप्रुफ पेंट की डिमांड ज्यादा आ रही है। वहीं शहर में दुकानों की साफ-सफाई शुरू होने के साथ ही वारनिश की डिमांड भी बढ़ने लग गई है। साथ ही इस बार लोकल पेंट व डिस्टेंपर की डिमांड में कमी आई है।

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